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दशैं पर करीब 3.5 लाख लोग काठमांडू से निकले, नेपाल सरकार बाढ़ पीड़ितों को देगी किराया
घाटी से रोज़ निकलने वालों की संख्या 85,000 पार कर गई है। मंत्रिमंडल ने गोरखा, धादिंग और बागलुंग के परिवारों के लिए छह महीने की आवास मदद मंज़ूर की है, और इंडियन ऑयल के बदलावों के बावजूद ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए गए।

मुख्य बातें
- 11 से 16 अक्टूबर के बीच 3,48,000 से ज़्यादा लोग काठमांडू घाटी से बाहर गए।
- बाढ़ पीड़ित परिवारों को छह महीने तक अस्थायी आवास के लिए 15,000 नेपाली रुपये महीना मिलेंगे।
- नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल-डीज़ल 197.50 नेपाली रुपये प्रति लीटर पर ही रखा।
बड़ा दशैं त्योहार के लिए 3,48,000 से ज़्यादा लोग काठमांडू घाटी से निकल चुके हैं, जबकि सरकार इस साल की बाढ़ में घर गंवा चुके हज़ारों परिवारों की मदद में जुटी है।
काठमांडू घाटी ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी रवींद्र खनाल ने बताया कि 11 से 16 अक्टूबर के बीच इतने यात्री घाटी से बाहर गए। रोज़ाना जाने वालों की संख्या 52,827 से बढ़कर 15 अक्टूबर को 85,561 हो गई, और पहले से 1,53,732 टिकट बुक हो चुके थे। नेपाल परिवहन उद्यमी महासंघ के राजेंद्र आचार्य ने कहा कि 9 अक्टूबर को धादिंग के गलौदी में राजमार्ग धंसने से देरी हुई।
मंत्रिमंडल ने गोरखा, धादिंग और बागलुंग के बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के लिए अस्थायी आवास मदद मंज़ूर की है: चार सदस्यों तक के परिवार को 15,000 नेपाली रुपये महीना, और हर अतिरिक्त सदस्य के लिए 2,000 रुपये, छह महीने तक। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि 26 अगस्त और 11 अक्टूबर की बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में 7,570 निजी घरों को नुकसान पहुंचा और करीब 6,388 करोड़ नेपाली रुपये का नुकसान हुआ। 2 अक्टूबर को दर्ज भवन (दूसरा संशोधन) विधेयक में मॉडल डिज़ाइन, 50 और 65 साल पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच और गरीब परिवारों के लिए अनुदान का प्रस्ताव है।
नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने 15 अक्टूबर को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की लागत में बदलाव के बावजूद खुदरा दाम नहीं बदले। पेट्रोल और डीज़ल 197.50 नेपाली रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस 2,060 रुपये प्रति सिलेंडर पर बने रहेंगे। इससे कॉर्पोरेशन को हर पखवाड़े करीब 345.8 करोड़ नेपाली रुपये का घाटा होने का अनुमान है।
त्योहारी मौसम के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक ने ई-सेवा और खल्ती जैसे डिजिटल वॉलेट में रोज़ाना जमा लेनदेन की सीमा 10 से बढ़ाकर 50 कर दी है। यह 17 से 25 अक्टूबर और फिर 7 से 15 नवंबर तक तिहार और छठ के लिए लागू रहेगी।