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रूस की बैठाई अदालत ने युद्ध समर्थक ब्लॉगर तेत्याना मोंतियान को 'चरमपंथ' में जेल भेजा

आक्रमण का समर्थन करने लेकिन पुतिन और क्रेमलिन के प्रचारकों का मज़ाक उड़ाने वाली केर्च में जन्मी वकील को 2022 की एक वीडियो स्ट्रीम के लिए 18 महीने की सज़ा मिली।

संपादकीय डेस्क से · दोनेत्स्कप्रकाशित
दोनेत्स्क का लेनिन चौक (फ़ाइल फ़ोटो)
दोनेत्स्क का लेनिन चौक (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Ferran Cornellà / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. दोनेत्स्क क्षेत्र की रूसी कब्ज़ा अदालत ने तेत्याना मोंतियान को डेढ़ साल की जेल की सज़ा दी।
  2. उन्हें रूसी प्रचारकों पर 2022 की एक वीडियो स्ट्रीम के लिए 'चरमपंथ' का दोषी ठहराया गया।
  3. 2022 के आक्रमण से एक हफ़्ता पहले मोंतियान ने रूस के न्योते पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित किया था।

कब्ज़े वाले दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस की बैठाई एक अदालत ने सोमवार को ब्लॉगर और वकील तेत्याना मोंतियान को “चरमपंथ” के आरोप में डेढ़ साल की जेल की सज़ा सुनाई। मोंतियान ने यूक्रेन पर आक्रमण का समर्थन किया था, लेकिन व्लादिमीर पुतिन और उनके प्रचारकों का मज़ाक भी उड़ाती रही थीं।

अदालत ने उन पर दो साल तक वेबसाइटें चलाने पर भी रोक लगा दी। मामला 2022 की एक वीडियो स्ट्रीम पर आधारित था, जिसमें उन्होंने रूसी प्रचारकों को “बिना ज़रा भी अफ़सोस के” “निपटाने” की बात कही थी। उनके इस्तेमाल किए रूसी शब्द का मतलब मार डालना भी हो सकता है, लेकिन मोंतियान का कहना था कि उनका मतलब विरोधी ऑनलाइन खातों पर पाबंदी लगाना था, हिंसा नहीं।

मोंतियान का जन्म 1972 में क्रीमिया के केर्च में हुआ था। 2014 से उन्होंने डोनबास में रूस और उसके समर्थकों का साथ दिया, 2021 में रूस चली गईं और रूसी नागरिकता ले ली। पूर्ण आक्रमण से एक हफ़्ता पहले, 17 फ़रवरी 2022 को उन्होंने रूस के न्योते पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित किया, यूक्रेन को पश्चिम का उपनिवेश बताया और कीव पर डोनबास में नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया।

उन्होंने आक्रमण का समर्थन किया लेकिन उसे चलाने वालों पर निशाना साधा और अधिकारियों व प्रचारकों पर अक्षमता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। 2023 में उन्होंने कहा था कि अगर पुतिन इतने बेवकूफ़ न होते तो यह सब होता ही नहीं; उनके शब्द कहीं ज़्यादा अपमानजनक थे। इस साल फ़रवरी में उन्होंने डोनबास के कब्ज़े वाले हिस्सों में “पूरी तरह बेलगाम आतंक” की बात कही, जहां उनके मुताबिक लोग अधिकारियों की आलोचना करने से डरते हैं।

वे उन युद्ध समर्थक हस्तियों में शामिल हो गई हैं जिन्हें 2022 के बाद युद्ध के संचालन की आलोचना के लिए जेल भेजा गया, जिनमें इगोर गिर्किन, आंद्रेई कुर्शिन और सर्गेई उदाल्त्सोव शामिल हैं।