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पाकिस्तान में पांच हफ्तों में आतंकी हमले 66% घटे, पर बलूचिस्तान में अपहरण बढ़े

एक सुरक्षा थिंक टैंक ने 22 अक्टूबर तक के हफ्ते में 21 हमले दर्ज किए, जबकि सितंबर के मध्य में यह संख्या 61 थी। कुर्रम में बारूदी सुरंग से एक मौत ने बाकी खतरे की याद दिलाई।

संपादकीय डेस्क से · इस्लामाबादप्रकाशित
पाकिस्तान के कुर्रम जिले का पाराचिनार (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के कुर्रम जिले का पाराचिनार (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Alizmohsin / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. पिक्स के मुताबिक सितंबर के मध्य से 22 अक्टूबर के बीच हमले 61 से घटकर 21 प्रति हफ्ता रह गए।
  2. अपहरण 24 से बढ़कर 41 हो गए, लगभग सभी बलूचिस्तान में।
  3. शनिवार को अपर कुर्रम में बारूदी सुरंग फटने से एक ग्रामीण की मौत हो गई।

पाकिस्तान में पिछले पांच हफ्तों में आतंकी हमलों में तेज गिरावट आई है। एक सुरक्षा थिंक टैंक ने रविवार को यह बताया, हालांकि उसने चेताया कि बलूचिस्तान में अपहरणों में उछाल के चलते हालात को स्थिर कहना अभी जल्दबाजी होगी।

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पिक्स) ने 16 से 22 अक्टूबर के बीच 21 हमले गिने, जबकि 18 से 24 सितंबर के हफ्ते में 61 हमले हुए थे। यानी 66% की गिरावट। पिछले हफ्ते के मुकाबले भी हमले 38% कम रहे। संस्थान ने अपनी साप्ताहिक समीक्षा में कहा, “पिछले पांच हफ्तों में केपी और बलूचिस्तान में आतंकी हमलों में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।”

हमलों में कमी के साथ मौतों में उतनी कमी नहीं आई। ताजा हफ्ते में आतंकी हिंसा में 22 लोग मारे गए, जबकि उससे पहले के हफ्ते में 23। घायलों की संख्या 20 से घटकर 11 रह गई। अपहरण 24 से बढ़कर 41 हो गए, लगभग सभी बलूचिस्तान में, जहां 21 में से 12 हमले हुए। पिक्स ने कहा, “ये विरोधाभासी संकेत सुरक्षा हालात को स्थिर घोषित करना मुश्किल बनाते हैं।”

संस्थान के मुताबिक सुरक्षा बलों ने हफ्ते भर में 10 अभियानों में 33 आतंकियों को मार गिराया।

कुर्रम में बारूदी सुरंग

अफगान सीमा पर खतरा शनिवार को फिर सामने आया, जब अपर कुर्रम के बगदी गांव के निवासी इकबाल हुसैन पहाड़ों में शिकार के दौरान बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए। पुलिस के मुताबिक ग्रामीण उन्हें पाराचिनार के जिला मुख्यालय अस्पताल ले गए, जहां घावों के चलते उनकी मौत हो गई।

अंजुमन हुसैनिया के सचिव हाजी जामिन हुसैन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अपर कुर्रम में दर्जनों बारूदी सुरंग धमाके हुए हैं, जिनमें कई लोग मारे गए, घायल हुए या हमेशा के लिए अपाहिज हो गए। अधिकारियों ने नहीं बताया है कि ये सुरंगें किसने बिछाईं या इन्हें हटाने का कोई अभियान चल रहा है या नहीं।

ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब इस्लामाबाद काबुल की तालिबान सरकार पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूच अलगाववादी गुटों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बना रहा है, जिन्हें वह ज्यादातर हिंसा के लिए जिम्मेदार मानता है।