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पोप लियो को फेफड़े का कैंसर, सर्जरी में निकाला गया फेफड़े का हिस्सा
वेटिकन के मुताबिक रोम के जेमेली अस्पताल में 90 मिनट चला ऑपरेशन बिना किसी दिक्कत के पूरा हुआ। 20 अक्टूबर तक सभी मुलाकातें रद्द हैं और नवंबर की दक्षिण अमेरिका यात्रा पर सवाल है।

मुख्य बातें
- डॉक्टरों ने पोप लियो के दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा निकाला और जांच में लंग एडेनोकार्सिनोमा पाया गया।
- वेटिकन ने कहा कि सर्जरी सफल रही और कोई जटिलता नहीं आई, फिलहाल कीमोथेरेपी पर बात नहीं हो रही।
- करीब एक हफ्ते तक अस्पताल में रहने के दौरान 20 अक्टूबर तक पोप की सभी मुलाकातें रद्द कर दी गई हैं।
वेटिकन ने मंगलवार को बताया कि पोप लियो चौदहवें को फेफड़े का कैंसर है। रोम में सर्जनों ने उनके दाहिने फेफड़े का निचला हिस्सा (लोब) निकाल दिया है। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक 71 साल के पोप को लंग एडेनोकार्सिनोमा है। ऑपरेशन से पहले की जांचों में ही इसका अंदेशा जताया गया था।
अगोस्तिनो जेमेली यूनिवर्सिटी अस्पताल में सर्जरी 90 मिनट चली। वेटिकन ने कहा कि ऑपरेशन “सफल रहा और कोई जटिलता नहीं आई”। पोप अब अपने कमरे में लौट आए हैं।
डॉक्टरों ने क्या पाया
होली सी ने लोब निकालने की इस प्रक्रिया को “रेडिकल” बताया, यानी संदिग्ध ऊतक शायद पूरी तरह निकाल लिया गया है। बाकी जांचों के नतीजे आने तक डॉक्टर फिलहाल कीमोथेरेपी या किसी और इलाज पर बात नहीं कर रहे।
ऑपरेशन अस्पताल की थोरेसिक सर्जरी टीम ने किया, जिसकी अगुवाई प्रोफेसर स्तेफानो मार्गारितोरा कर रहे थे। होली सी प्रेस ऑफिस के निदेशक मातेओ ब्रूनी ने सोमवार को बताया था कि यह गांठ (नोड्यूल) नियमित मेडिकल जांच के दौरान पकड़ में आई थी।
पोप के करीब एक हफ्ते अस्पताल में रहने की उम्मीद है। 20 अक्टूबर तक उनकी सभी मुलाकातें रद्द कर दी गई हैं।
शांत लहजे में दी खबर
पोप ने खुद रविवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर में एंजेलस प्रार्थना के दौरान श्रद्धालुओं को इस बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि “मेरे फेफड़े में एक सीमित गांठ” मिली है, जो “बहुत शुरुआती चरण में पकड़ी गई है और एक जगह तक सीमित है”। उन्होंने कहा: “मैंने इसे निकलवाने के लिए सर्जरी कराने का फैसला किया है।”
मंगलवार को अस्पताल जाने से पहले सोमवार सुबह उन्होंने अपनी सभी तय मुलाकातें कीं। जेमेली अस्पताल के बाहर कैथोलिक श्रद्धालुओं ने उनके लिए रोज़री प्रार्थना की और दूसरे चर्चों तथा कई देशों के नेताओं के संदेश आए।
वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने सोमवार दोपहर पोप से बात की थी। मंगलवार सुबह ऑपरेशन से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा: “हमने बहुत शांति से बात की। इस मामले में होली फादर सचमुच एक बड़ी मिसाल हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा”, लेकिन साथ में जोड़ा: “आमतौर पर जब ऐसी चीज़ें समय पर पकड़ ली जाती हैं, तो उनका हल निकल आता है।”
इससे पता चलता है कि पोप लियो को सब कितना प्यार करते हैं, कितना सराहते हैं और कितना मानते हैं।
दक्षिण अमेरिका यात्रा
पोप को पहले कोई गंभीर बीमारी होने की जानकारी नहीं है। वे सक्रिय रहने के लिए जाने जाते हैं, तैराकी करते हैं और टेनिस खेलते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल 6 से 17 नवंबर तक उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की उनकी प्रस्तावित यात्रा का है। इसमें करीब एक दर्जन उड़ानें, दो हेलीकॉप्टर सफर और पेरू में ऊंचाई का बड़ा उतार-चढ़ाव शामिल है। पोप ने रविवार को पत्रकारों से कहा था कि वे यह यात्रा करना चाहते हैं। वेटिकन ने अभी नहीं बताया है कि उनकी रिकवरी से इस कार्यक्रम पर कोई असर पड़ेगा या नहीं।
मूल दस्तावेज़
- Pope Leo XIV admitted to Gemelli Hospital ahead of surgeryVatican News, 13 अक्टूबर 2026
- Cardinal Parolin: 'I spoke with Pope Leo, who is an example of great serenity'Vatican News, 13 अक्टूबर 2026
- Pope Leo: I will undergo surgery soon to remove nodule in my lungVatican News, 11 अक्टूबर 2026