दुनियारूस-यूक्रेन
पोप लियो ने ज़ेलेंस्की को ओलेश्की में फंसे नागरिकों पर मॉस्को से अपने संपर्कों की जानकारी दी
खेरसॉन क्षेत्र के इस कब्ज़े वाले कस्बे में करीब 2,000 लोग बहुत कम खाने, पानी और दवाओं के साथ रह रहे हैं। कीव का कहना है कि उन्हें निकालने के लिए स्थानीय युद्धविराम पर समझौता करीब है।

मुख्य बातें
- ज़ेलेंस्की और पोप लियो चौदहवें ने सोमवार को कब्ज़े वाले ओलेश्की के मानवीय संकट पर बात की।
- कस्बे में करीब 2,000 निवासी बचे हैं, जो बारूदी सुरंगों और ड्रोन हमलों के कारण मदद से कटे हैं।
- यूक्रेन के लोकपाल के मुताबिक दोनों पक्ष निकासी के लिए स्थानीय युद्धविराम पर समझौते के करीब हैं।
पोप लियो चौदहवें ने सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की को खेरसॉन क्षेत्र के कब्ज़े वाले कस्बे ओलेश्की में फंसे नागरिकों को लेकर रूस से अपने संपर्कों की जानकारी दी। वहां करीब 2,000 लोग बहुत कम खाने, पानी, बिजली और दवाओं के साथ रह रहे हैं।
बातचीत के बाद ज़ेलेंस्की ने लिखा, “परम पावन ने मुझे इस मुद्दे पर रूसी पक्ष से अपने संपर्कों के बारे में बताया। हम वहां अपने लोगों की मदद के लिए काम कर रहे हैं और समाधान तैयार कर रहे हैं।”
पोप ने 16 अक्टूबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन कर ऐसे युद्धविराम की अपील की थी जिससे नागरिक कस्बे से निकल सकें। 2025 में पोप बनने के बाद पुतिन से यह उनकी दूसरी ज्ञात बातचीत थी। क्रेमलिन के ब्योरे के मुताबिक पुतिन ने इस संकट के लिए यूक्रेन को ज़िम्मेदार ठहराया।
ओलेश्की पूर्ण आक्रमण के शुरुआती दिनों से रूसी कब्ज़े में है। बारूदी सुरंगों वाली सड़कें, लगातार ड्रोन हमले और रूसी चौकियों पर पूछताछ के चलते वहां से निकलना लगभग नामुमकिन है, और रूसी सेना यूक्रेनी व अंतरराष्ट्रीय मदद को रोक रही है।
रविवार को यूक्रेन के मानवाधिकार लोकपाल दमित्रो लुबिनेट्स ने कहा था कि दोनों पक्ष एक स्थानीय युद्धविराम पर समझौते के करीब हैं। इससे निवासी कब्ज़े वाले इलाकों, रूस और बेलारूस से होकर जाने के बजाय सीधे यूक्रेन के नियंत्रण वाले इलाके में आ सकेंगे। सोमवार रात तक न कोई समझौता घोषित हुआ था न कोई तारीख़, और यह साफ़ नहीं था कि वेटिकन की कोशिशों से बातचीत कितनी आगे बढ़ी।
ज़ेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने पोप के सामने बढ़ते रूसी हमलों का मुद्दा भी उठाया और “हाल के उन मामलों” का ज़िक्र किया “जब हमें अपने सहयोगियों से पूर्व चेतावनी नहीं मिली।” यह बातचीत उस रात के कुछ घंटे बाद हुई जब रूस ने कीव और आसपास के इलाके पर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।