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7 अक्टूबर का दोष मढ़ने पर शिन बेत के पूर्व प्रमुख रोनेन बार ने नेतन्याहू पर मानहानि का मुक़दमा किया

बार ने 30 लाख शेकेल का हर्जाना मांगा है और कहा है कि हमास हमले की सुबह अपनी भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री ने झूठ बोला। इज़राइल में दो हफ़्ते से भी कम समय में मतदान है।

संपादकीय डेस्क से · यरूशलमप्रकाशित
शिन बेत के पूर्व प्रमुख रोनेन बार और इस्राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू (फ़ाइल फ़ोटो)
शिन बेत के पूर्व प्रमुख रोनेन बार और इस्राइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Amos Ben Gershom / Wikimedia Commons; US Department of State / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 and Public domain

मुख्य बातें

  1. रोनेन बार ने बुधवार को बिन्यामिन नेतन्याहू के ख़िलाफ़ 134 पन्नों का मानहानि मुक़दमा दायर किया।
  2. उन्होंने 30 लाख शेकेल (लगभग 9,68,500 डॉलर) का हर्जाना मांगा है।
  3. इज़राइल में 27 अक्टूबर को मतदान है और नेतन्याहू कड़े मुक़ाबले में हैं।

7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के दिन इज़राइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेत का नेतृत्व करने वाले रोनेन बार ने बुधवार को प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पर मानहानि का मुक़दमा दायर किया। उनका आरोप है कि नेतन्याहू ने ख़ुद को बचाने के लिए एजेंसी पर दोष डाला।

134 पन्नों की इस याचिका में 30 लाख शेकेल, यानी लगभग 9,68,500 डॉलर, का हर्जाना मांगा गया है। बार का कहना है कि नेतन्याहू ने हमले को लेकर उन पर “आपराधिक विफलताओं” का आरोप लगाया, यह जानते हुए कि आरोप झूठे हैं, और अपनी ज़िम्मेदारी से ध्यान हटाने के लिए “ख़ुद को बचाने के लिए झूठ बोल रहे थे”। उनकी दलील यह भी है कि प्रधानमंत्री की कई सालों की नीतियों ने ग़ाज़ा के सशस्त्र गुटों से ख़तरा बढ़ाया।

विवाद के केंद्र में एक फ़ोन कॉल

विवाद का बड़ा हिस्सा 7 अक्टूबर की सुबह के शुरुआती घंटों पर टिका है। नेतन्याहू लंबे समय से कहते आए हैं कि उस सुबह बार ने उन्हें सतर्क नहीं किया, और अगर शिन बेत निदेशक या सैन्य प्रमुखों ने फ़ोन करके उन्हें जगाया होता तो वे हमला रोक सकते थे। बार की याचिका कहती है कि संभावित हमले के संकेत मिलते ही उन्होंने प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव को फ़ोन किया था, पर उनके पास नेतन्याहू का सीधा नंबर नहीं था।

नेतन्याहू ने अपनी लिकुड पार्टी के ज़रिए जारी बयान में जवाब दिया। बयान में कहा गया, “रोनेन, क्या आप गंभीर हैं?” और जोड़ा, “आपके पास रेड लाइन पर मेरा नंबर था और आप तुरंत फ़ोन कर सकते थे, जैसा सभी सुरक्षा प्रमुख करते हैं।”

बार ने जून 2025 में शिन बेत प्रमुख पद से इस्तीफ़ा दिया था।

भीतर से उठती और आवाज़ें

यह मुक़दमा उन चुनौतियों की ताज़ा कड़ी है जो कभी प्रधानमंत्री के क़रीब काम करने वाले लोगों की ओर से आई हैं। जुलाई 2021 से मई 2024 तक नेतन्याहू के सैन्य सचिव रहे अवि गिल ने इज़राइली टीवी पर कहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने “7 अक्टूबर 2023 से जुड़े रिकॉर्ड में हेराफेरी की”।

गिल के मुताबिक़ जनवरी 2024 में नेतन्याहू की चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने एक स्टेनोग्राफ़र से चार मिनट की एक कॉल का दर्ज समय सुबह 6:40 बजे से बदलकर 6:29 बजे करने को कहा। गिल ने स्टेनोग्राफ़र के हवाले से कहा: “उन्होंने मुझसे कहा, मुझे इसे बदलने की इजाज़त नहीं है।”

बताया जाता है कि मिस्र के तत्कालीन ख़ुफ़िया प्रमुख अब्बास कामेल ने भी हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू को फ़ोन किया था, और सितंबर 2023 में इज़राइल जाकर अधिकारियों को आमने-सामने चेताया था कि हमास कुछ बड़ा करने की योजना बना रहा है।

अभी यह क्यों अहम है

इज़राइल में 27 अक्टूबर को मतदान है। नेतन्याहू अपनी कुर्सी बचाने के लिए कड़े मुक़ाबले में हैं, और 7 अक्टूबर को किसकी नाकामी थी, यह सवाल पूरे चुनाव अभियान में उनका पीछा करता रहा है। इसे पूर्व कर्मचारी, सुरक्षा अधिकारी और विपक्ष, सभी उठाते रहे हैं।

इज़राइल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ हमले में कम से कम 1,221 इज़राइली मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था, जिनमें उस दिन मारे गए 44 लोगों के शव भी शामिल थे। ग़ाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार तब से इज़राइल के युद्ध में इलाक़े में 74,300 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें पिछले साल अमेरिका समर्थित युद्धविराम के बाद मारे गए 1,400 से ज़्यादा लोग शामिल हैं।

बार के मुक़दमे पर अदालत पहली बार कब सुनवाई करेगी, इसकी अभी कोई जानकारी नहीं है।