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सूडान की सेना का दावा, न्याला में आरएसएफ लड़ाके मारे; आरएसएफ बोली, बाजार पर हमले में 30 नागरिक मरे

सेना के मुताबिक शुक्रवार के हवाई हमलों ने दारफुर में आरएसएफ के गढ़ में उसके कमान केंद्र तबाह किए। अर्धसैनिक बल का कहना है कि ड्रोन भीड़ भरे पशु बाजार पर गिरा, जिसमें महिलाएं और बच्चे मारे गए।

संपादकीय डेस्क से · खार्तूमप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. सूडान की सेना ने कहा कि न्याला पर हवाई हमलों में आरएसएफ के कमान और नियंत्रण केंद्र तबाह हुए।
  2. आरएसएफ के मुताबिक ड्रोन एक पशु बाजार पर गिरा और 17 महिलाओं व पांच बच्चों समेत 30 नागरिक मारे गए।
  3. मानवाधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने कहा कि ड्रोन सेना से जुड़ा था।

सूडान की सेना ने शनिवार को कहा कि उसने दारफुर में अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के गढ़ न्याला पर कई हवाई हमले कर उसके दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया। आरएसएफ ने बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की। उसका कहना है कि सेना का एक ड्रोन भीड़ भरे पशु बाजार पर गिरा और 30 नागरिक मारे गए।

सेना ने कहा कि शुक्रवार के हमलों में न्याला में आरएसएफ के ठिकानों और कमान व नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया गया। न्याला दक्षिण दारफुर राज्य की राजधानी है और आरएसएफ के स्वघोषित प्रशासन का मुख्यालय भी। लोगों ने शहर भर में कई धमाकों की आवाज सुनी।

‘तबाही और खून का मैदान’

आरएसएफ और उसके राजनीतिक गठबंधन तासीस ने कहा कि मरने वालों में 17 महिलाएं और पांच बच्चे थे, और दर्जनों लोग घायल हुए। तासीस ने बाजार को “तबाही और खून का मैदान” बताया, हमले को “नरसंहार” कहा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। आरएसएफ ने कहा कि ड्रोन तुर्की में बना अकिंजी था और इस हमले के पीछे सेना और मिस्र का हाथ होने का आरोप लगाया।

मानवाधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने पुष्टि की कि शुक्रवार को न्याला में एक बाजार पर हमला हुआ और कहा कि इस्तेमाल हुआ ड्रोन सेना से “जुड़ा” था। आरएसएफ ने यह नहीं बताया कि उसके लड़ाके मारे गए या उसके कमान केंद्र तबाह हुए या नहीं। हताहतों के किसी भी आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

फैलती जंग

सूडान सरकार के एक सूत्र ने कहा कि आरएसएफ ने दक्षिण कोर्दोफान में खनन ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, और पिछले एक दिन में देश के कई हिस्सों में लड़ाई तेज हो गई है।

सेना प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान ने इस महीने की शुरुआत में आरएसएफ के कब्जे वाले “एक-एक इंच” इलाके को वापस लेने का संकल्प लिया था। दारफुर के ज्यादातर हिस्से पर आरएसएफ का नियंत्रण है। 2023 में शुरू हुए इस गृहयुद्ध में हजारों लोग मारे जा चुके हैं, और संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया का सबसे बुरा मानवीय संकट बताता है।