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अमेरिका के लास वेगास में इमिग्रेशन हिरासत में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया, भारत वापसी की कोशिश
हरियाणा के दो सबसे वांछित अपराधी हरियाणा एसटीएफ की सूचना के बाद नेवादा में आईसीई की हिरासत में हैं। उनकी वापसी अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

मुख्य बातें
- हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को हरियाणा एसटीएफ की सूचना पर 22 अक्टूबर को लास वेगास में हिरासत में लिया गया।
- दोनों नेवादा के हेंडरसन डिटेंशन सेंटर में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) की हिरासत में हैं।
- हरियाणा पुलिस और सीबीआई अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं, पर वापसी की कोई तारीख तय नहीं हुई है।
हरियाणा के दो सबसे वांछित गैंगस्टर, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया, अमेरिका के नेवादा में इमिग्रेशन अधिकारियों की हिरासत में हैं और भारतीय पुलिस अब उन्हें देश वापस लाने की कोशिश में जुटी है।
दोनों को 22 अक्टूबर को लास वेगास में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) ने हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया। उन्हें हेंडरसन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उनके मामले लास वेगास स्थित आईसीई के एन्फोर्समेंट एंड रिमूवल ऑपरेशंस दफ्तर के पास हैं।
हरियाणा पुलिस और इंटरपोल के लिए भारत की नोडल एजेंसी सीबीआई अमेरिकी अधिकारियों के साथ उनके निर्वासन पर काम कर रही हैं। अधिकारियों ने आगाह किया है कि वापसी अपने आप नहीं होगी। रास्ता और समय अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा, और अभी कोई तारीख तय नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है कि दोनों को किस आधार पर हिरासत में लिया गया।
कौन है हिमांशु भाऊ
रोहतक जिले के रिटोली गांव का भाऊ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और रंगदारी के मामलों में आरोपी है और दिल्ली व हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में है। अगस्त 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ था।
पुलिस के मुताबिक उसने 17 साल की उम्र में एक प्रतिद्वंद्वी पर गोली चलाकर अपराध की दुनिया में कदम रखा और 2020 में हिसार के बाल सुधार गृह से फरार हो गया। आरोप है कि वह फर्जी कागजात पर भारत से निकला और पहले पुर्तगाल, फिर अमेरिका से अपना गिरोह चलाता रहा।
उसका गिरोह दिल्ली-एनसीआर में कई गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी ले चुका है। इनमें 2024 में राजौरी गार्डन के बर्गर किंग आउटलेट में 26 साल के युवक की हत्या और इस साल 14 सितंबर को आया नगर में जिम मालिक विजय कुमार की दिनदहाड़े हत्या शामिल हैं। पुलिस गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग से उसके संबंधों की भी जांच कर रही है। यह गिरोह लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क का प्रतिद्वंद्वी है।
कौन है नीरज फरीदपुरिया
पलवल जिले के फरीदपुर गांव के फरीदपुरिया पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 25 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2015 में उसे हत्या के एक मामले में उम्रकैद हुई थी, लेकिन 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई।
इसके बाद कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या में उसका नाम आया, जिन्हें 26 जून 2019 को फरीदाबाद में गोली मार दी गई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक वह दुबई के रास्ते कनाडा भाग गया, बिश्नोई के एक और प्रतिद्वंद्वी बंबीहा गिरोह से जुड़ा और बाद में अमेरिका जाकर भाऊ के नेटवर्क के साथ काम करने लगा।
आगे क्या
यह मामला दिखाएगा कि विदेश से गिरोह चलाने वाले गैंगस्टरों को भारत कितनी जल्दी वापस ला पाता है। इमिग्रेशन आधार पर निर्वासन औपचारिक प्रत्यर्पण से तेज हो सकता है, लेकिन फैसला पूरी तरह अमेरिकी अधिकारियों के हाथ में है। तब तक दोनों नेवादा में ही रहेंगे, जबकि हरियाणा और दिल्ली पुलिस लंबित मामलों की लंबी सूची के साथ उनसे पूछताछ का इंतजार कर रही है।