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चुनाव की तारीख मांगने सड़कों पर उतरे वेनेज़ुएला के लोग, करीब दो साल में पहला देशव्यापी प्रदर्शन
मारिया कोरीना मचादो की अपील पर गुरुवार को काराकास, वालेंसिया, माराकाइबो और दूसरे शहरों में हज़ारों लोगों ने मार्च किया और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ की सरकार से राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय करने की मांग की।

मुख्य बातें
- विपक्ष समर्थकों ने गुरुवार को कम से कम पांच शहरों में मार्च किया, जो करीब दो साल में पहला देशव्यापी प्रदर्शन था।
- मचादो के आंदोलन वेंते वेनेज़ुएला का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव जुलाई 2027 तक हो जाना चाहिए।
- रोड्रिगेज़ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों कह चुके हैं कि चुनाव होंगे, पर तारीख अब तक तय नहीं हुई।
वेनेज़ुएला में गुरुवार को हज़ारों लोगों ने काराकास और कम से कम चार दूसरे शहरों में मार्च कर राष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की। करीब दो साल में यह विपक्ष का पहला देशव्यापी प्रदर्शन था।
रैलियों का आह्वान नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचादो के आंदोलन वेंते वेनेज़ुएला ने किया था। मचादो लगभग एक साल से देश से बाहर हैं। राजधानी के अलावा वालेंसिया, माराके, सान क्रिस्टोबाल और माराकाइबो में भी समर्थक जुटे। मचादो का कहना है कि चुनाव जुलाई 2027 तक हो जाने चाहिए।
सत्तारूढ़ यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ वेनेज़ुएला (पीएसयूवी) की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ 3 जनवरी से देश चला रही हैं, जब अमेरिकी सेना ने एक सैन्य छापे में निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था। रोड्रिगेज़ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों कह चुके हैं कि चुनाव होंगे, लेकिन किसी ने तारीख नहीं बताई है।
सड़कों पर उम्मीद
काराकास के उत्तर में माराके में 18 साल की कॉस्मेटोलॉजी छात्रा लियोस्मेरी हर्नांडेज़ सैकड़ों लोगों के साथ शामिल हुईं। उन्होंने कहा, “यह देखकर मुझे खुशी होती है क्योंकि मैं जानती हूं कि बदलाव मुमकिन है। मुझे अपने देश से और हमारी अगली नेता और राष्ट्रपति मारिया कोरीना से बहुत उम्मीदें हैं।”
उन्होंने कहा कि वह पहले से ज़्यादा हिम्मत महसूस कर रही हैं: “आज मुझे और भी कम डर है क्योंकि मैं चाहती हूं कि मेरी आवाज़ सुनी जाए।”
सरकारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी प्रदर्शन स्थलों पर कम रही और छोटे शहरों में कई मार्च अंधेरा होने से पहले खत्म हो गए।
राजधानी में दो मार्च
पीएसयूवी ने भी उसी दिन काराकास में अपने समर्थकों को बुलाया। स्तन कैंसर जागरूकता माह के मौके पर यह मार्च प्लाज़ा वेनेज़ुएला से राष्ट्रपति भवन की ओर निकला। विपक्ष ने दो घंटे बाद उसी प्लाज़ा पर जुटने की योजना बनाई थी, पर अपनी रैली पास की दूसरी जगह ले गया। सरकारी टेलीविज़न पर गृह मंत्री डियोसदादो काबेयो सत्तारूढ़ पार्टी के मार्च में दिखे।
पीएसयूवी नेताओं पर लंबे समय से असंतुष्टों के मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं, जिनमें विरोधियों को जेल में डालना भी शामिल है।
मचादो के बिना बातचीत
विपक्ष के एक धड़े और अंतरिम सरकार के बीच अमेरिका के समर्थन से चल रही बातचीत का ताज़ा दौर इसी महीने हुआ। इसका मकसद सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ़ जस्टिस और राष्ट्रीय चुनाव परिषद में बदलाव करना है, जिन्हें विपक्ष सत्तारूढ़ दल के नियंत्रण में मानता है। मचादो का आंदोलन इसमें शामिल नहीं है, हालांकि उन्होंने कहा है कि वह इसमें अड़चन नहीं डालेंगी।
विवाद जुलाई 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ा है। चुनाव परिषद ने मादुरो को विजेता घोषित किया पर पूरे नतीजे कभी जारी नहीं किए। विपक्ष का कहना है कि उसके जुटाए मतगणना पत्र दिखाते हैं कि उसके उम्मीदवार एडमुंडो गोंज़ालेज़ उरुतिया भारी अंतर से जीते थे। मचादो पर रोक लगने के बाद वही उनकी जगह उम्मीदवार बने थे। गोंज़ालेज़ उरुतिया अब स्पेन में रहते हैं।
वेंते वेनेज़ुएला ने उस चुनाव की दूसरी वर्षगांठ, 28 जुलाई को काराकास में एक छोटा मार्च निकाला था, जिसमें नारा लगा था “तारीख तय करो, वोट हम देंगे”। गुरुवार के प्रदर्शनों ने यह मांग पहली बार पूरे देश में पहुंचाई।
मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस पर अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी और यातना के आरोप हैं। दोनों ने खुद को निर्दोष बताया है।
आगे क्या
विपक्ष ने अगले प्रदर्शन की तारीख घोषित नहीं की है। मचादो की जुलाई 2027 की समयसीमा नज़दीक आने और अदालत व चुनाव परिषद पर बातचीत जारी रहने के साथ रोड्रिगेज़ पर चुनावी कार्यक्रम तय करने का दबाव बढ़ने की संभावना है।