नीतिआंतरिक सुरक्षा
बिम्सटेक गृह मंत्रियों ने आतंक, ड्रग्स और तस्करी पर दिल्ली घोषणापत्र अपनाया
अमित शाह की अध्यक्षता में हुई गृह मंत्रियों की पहली बैठक में सात सदस्य देशों ने मानव तस्करी के खिलाफ समझौते और ड्रग्स, अवैध धन व आपदा से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी दी।

मुख्य बातें
- अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
- मंत्रियों ने दिल्ली घोषणापत्र और मानव तस्करी के खिलाफ एक समझौता अपनाया।
- बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद बैठक में नहीं आए, ढाका की टीम एक वरिष्ठ सचिव ने संभाली।
बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) के गृह मंत्री मंगलवार को पहली बार नई दिल्ली में एक साथ बैठे। दिन के अंत में सदस्य देशों ने आतंकवाद, ड्रग्स की तस्करी, मानव तस्करी और साइबर अपराध के खिलाफ मिलकर काम करने का साझा संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव की अगुवाई में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ने इसकी जमीन तैयार की थी।
मंत्रियों ने किन बातों पर मुहर लगाई
मंत्रियों ने दिल्ली घोषणापत्र अपनाया। इसमें सदस्य देश सीमा पार आतंकवाद, आतंक के वित्तपोषण, कट्टरपंथ, नशीले पदार्थों, मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध पर सहयोग के लिए वचनबद्ध हुए हैं।
इसके साथ पांच दस्तावेज़ों को मंजूरी मिली: मानव तस्करी के खिलाफ बिम्सटेक समझौता, ड्रग नियंत्रण पर कार्ययोजना, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद व हथियार प्रसार के वित्तपोषण से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर सहमति पत्र (एमओयू), अवैध वित्तीय प्रवाह की पहचान और रोकथाम की कार्ययोजना, और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी की योजना, जिसमें पूर्व चेतावनी, संयुक्त अभ्यास और सुनामी जोखिम घटाना शामिल है।
शाह का संदेश
शाह ने क्षेत्रीय सहयोग के पांच क्षेत्र गिनाए: ड्रग नियंत्रण, आतंकवाद विरोध और कानूनी सहयोग, भगोड़ों का प्रत्यर्पण, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध की जांच, और संस्थागत क्षमता निर्माण।
उन्होंने “भारत की आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति” दोहराई और कहा कि क्षेत्र के किसी भी हिस्से में पड़ोसियों के खिलाफ भर्ती, प्रशिक्षण या कार्रवाई करने वाले आतंकवादी नेटवर्क को आश्रय नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “ड्रग ट्रैफिकिंग एक प्रकार की ‘डेथ ट्रैफिकिंग’ है”, और इससे निपटने के लिए पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चलने वाले रवैये की जरूरत बताई।
शाह ने आपदाओं में “‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में इस पूरे क्षेत्र में भारत की अनुकरणीय भूमिका” का जिक्र किया और बताया कि बिम्सटेक आपदा प्रबंधन केंद्र “जामनगर, गुजरात में स्थापित करने की योजना है”। भारत ने पुलिस प्रशिक्षण, आतंकवाद विरोधी अभियानों और फॉरेंसिक में अपनी विशेषज्ञता दूसरे सदस्यों के साथ साझा करने की पेशकश की।
बैठक की पृष्ठभूमि
बिम्सटेक नेताओं ने 2018 में चौथे शिखर सम्मेलन में गृह मंत्रियों के स्तर की बैठकें शुरू करने का फैसला किया था। 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में छठे शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल का समर्थन करते हुए पहली बैठक की मेजबानी की पेशकश की थी।
ढाका की खाली कुर्सी
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद दिल्ली नहीं आए। ढाका का प्रतिनिधित्व गृह मामलों के वरिष्ठ सचिव मोनज़ुर मोर्शेद चौधरी की अगुवाई में चार सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने किया। इसमें विदेश मंत्रालय में सार्क और बिम्सटेक के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम और गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव रेबेका खान भी थीं।
ढाका ने आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं बताई है। यह गैरहाजिरी सितंबर की उस घटना के बाद आई है, जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान नई दिल्ली में ब्रिक्स के आउटरीच सत्र में नहीं पहुंचे थे, जिसके लिए भारत ने उन्हें बिम्सटेक अध्यक्ष के नाते न्योता दिया था।
अब ये दस्तावेज़ अमल के लिए सदस्य सरकारों के पास जाएंगे। गृह मंत्रियों के स्तर से निकले ये पहले दस्तावेज़ हैं, और यह उस फैसले के आठ साल बाद हुआ है जब बिम्सटेक नेताओं ने पहली बार ऐसी बैठकों की बात की थी।
मूल दस्तावेज़
- India hosts first BIMSTEC Home Ministers' meeting in New Delhi chaired by Union Home Minister Amit Shah (Hindi release)PIB, Ministry of Home Affairs, 13 अक्टूबर 2026