नीतिव्यापार
न्यूज़ीलैंड व्यापार समझौता लागू, आज से सभी भारतीय निर्यात शुल्क-मुक्त
भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता विजयादशमी पर लागू हो गया। न्यूज़ीलैंड ने भारतीय सामान के लिए हर टैरिफ लाइन पर शुल्क हटाया, जबकि भारत ने डेयरी को सुरक्षित रखा है।

मुख्य बातें
- न्यूज़ीलैंड मंगलवार से भारतीय सामान के लिए 100% टैरिफ लाइनों पर शुल्क हटा रहा है।
- भारत ने करीब 70% टैरिफ लाइनें खोली हैं, डेयरी और कुछ कृषि उत्पाद सुरक्षित रखे हैं।
- न्यूज़ीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश में मदद की प्रतिबद्धता जताई है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता मंगलवार, विजयादशमी को लागू हो गया। आज से हर भारतीय उत्पाद को न्यूज़ीलैंड के बाज़ार में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।
विदेश व्यापार के अतिरिक्त महानिदेशक संपत कुमार ने सोमवार को कहा, “कल से 100% टैरिफ लाइनें शून्य हो जाएंगी।” भारतीय कपड़ा, परिधान, चमड़े का सामान और जूते, जिन पर न्यूज़ीलैंड में 10% तक शुल्क लगता था, अब बिना शुल्क जाएंगे। 5% तक शुल्क वाले दवा, कृषि और समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक, रसायन और बिजली के सामान भी शुल्क-मुक्त होंगे।
भारत की ओर से छूट सीमित है। भारत ने करीब 70% टैरिफ लाइनों पर शुल्क में ढील दी है और डेयरी व कुछ कृषि उत्पादों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है। न्यूज़ीलैंड की भेड़ के मांस और कीवी जैसी चीज़ों पर भारत की पहली शुल्क कटौती भी आज से लागू हो रही है।
समझौते की शुरुआत पर सोमवार शाम नई दिल्ली में हुए समारोह में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता “रोज़गार के अवसर पैदा करेगा” और इसे “किसानों के कल्याण को सरकार की सोच के केंद्र में रखते हुए” तैयार किया गया है। उन्होंने न्यूज़ीलैंड को जेसीबी मशीन के पहले निर्यात को हरी झंडी दिखाई। कृषि उत्पाद, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग, खेल का सामान, जूते और चमड़े में भी ऐसी खेपें भेजने की योजना है।
न्यूज़ीलैंड ने विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश में मदद की प्रतिबद्धता जताई है, और समझौता भारतीय पेशेवरों, छात्रों और युवाओं के लिए नए रास्ते खोलता है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार दोगुना करके करीब ₹35,000 करोड़ तक पहुंचाना है।
फिलहाल व्यापार छोटा है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक 2024-25 में दोतरफा वस्तु व्यापार 1.3 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 49% ज़्यादा था, और भारतीय निर्यात 71.1 करोड़ डॉलर का था। गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने 27 अप्रैल को नई दिल्ली में समझौते पर दस्तखत किए थे।
मूल दस्तावेज़
- India-New Zealand FTA comes into force on occasion of Vijay Dashami todayNews On AIR, 19 अक्टूबर 2026