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पहली बार भारत करेगा अंतरराष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान समिति की मेजबानी, अगले हफ्ते नई दिल्ली में बैठक

तौल, माप और मापक उपकरणों के वैश्विक नियम तय करने वाली अंतरराष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान समिति की 61वीं बैठक 26 से 28 अक्टूबर तक राजधानी में होगी।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
एक इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू (फ़ाइल फ़ोटो)
एक इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Aliva Sahoo / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. नई दिल्ली में 26 से 28 अक्टूबर तक सीआईएमएल की 61वीं बैठक होगी।
  2. उपभोक्ता मामले मंत्रालय के मुताबिक भारत पहली बार इस समिति की मेजबानी कर रहा है।
  3. बैठक के साथ सीईईएमएस सेमिनार और ओआईएमएल की रणनीतिक कार्यशाला भी होगी।

अंतरराष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान समिति (सीआईएमएल) की 61वीं बैठक 26 अक्टूबर को नई दिल्ली में शुरू होगी, और यह पहली बार है जब भारत इस समिति की मेजबानी करेगा। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह समिति अंतरराष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान संगठन (ओआईएमएल) की शासी संस्था है। ओआईएमएल एक अंतर-सरकारी संस्था है जो व्यापार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण में इस्तेमाल होने वाले मापक उपकरणों के लिए आदर्श नियम बनाती है। इसकी सिफारिशों से तय होता है कि देश पेट्रोल पंप और दुकानों के तराजू से लेकर मेडिकल थर्मामीटर और बिजली के मीटर तक को कैसे प्रमाणित करें। बैठक 28 अक्टूबर तक चलेगी।

राजधानी में माप विज्ञान का हफ्ता

ओआईएमएल के प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार सीआईएमएल का सत्र सोमवार दोपहर शुरू होकर बुधवार सुबह खत्म होगा। उससे पहले 26 अक्टूबर की सुबह उभरती माप विज्ञान प्रणालियों वाले देशों और अर्थव्यवस्थाओं (सीईईएमएस) पर सेमिनार होगा। यह उन देशों का मंच है जो अभी अपनी बाट-माप संस्थाएं खड़ी कर रहे हैं। मंगलवार सुबह ओआईएमएल की रणनीतिक कार्यशाला तय है।

सीआईएमएल के अध्यक्ष डॉ. बॉबजोसेफ मैथ्यू ने सदस्य देशों से प्रतिनिधि भेजने की अपील की है। आधिकारिक निमंत्रण में उन्होंने लिखा, “मैं आपसे आग्रह करता हूं कि सीआईएमएल बैठक में शामिल हों और सक्रिय रूप से भाग लें।” जो सदस्य नहीं आ सकते, वे प्रॉक्सी के जरिए अपना वोट किसी दूसरे सदस्य को सौंप सकते हैं।

भारत के लिए अहमियत

भारत में विधिक माप विज्ञान का काम उपभोक्ता मामले मंत्रालय विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत देखता है, और राज्यों के विभाग तराजू, ईंधन डिस्पेंसर और पैकेटबंद सामान की सटीकता की जांच करते हैं। ये विभाग जिन नियमों को लागू करते हैं, वे ओआईएमएल और उसकी समिति की अंतरराष्ट्रीय सिफारिशों पर आधारित होते हैं।

मंत्रालय ने अभी बैठक की जगह या उसका उद्घाटन करने वाले मंत्री का नाम नहीं बताया है।

मूल दस्तावेज़