नीतिकूटनीति
दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि रक्षा मंत्री सोमवार और मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन की शासनाध्यक्ष परिषद में शामिल होंगे।

मुख्य बातें
- राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर को दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में हिस्सा लेंगे।
- बैठक में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और नवाचार के साथ संगठन के वित्त पर चर्चा होगी।
- नवंबर 2025 में मॉस्को में हुई पिछली बैठक में एस जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार और मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने दुशांबे जाएंगे।
मंत्रालय के मुताबिक ताजिकिस्तान में होने वाली इस बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और सांस्कृतिक व मानवीय आदान-प्रदान में सहयोग गहरा करने पर जोर रहेगा। मंत्री चल रहे सहयोग की समीक्षा भी करेंगे और संगठन के वित्त व संस्थागत कामकाज से जुड़े फैसले लेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि भारत एससीओ के कई तंत्रों में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिनमें स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक ढांचा और लोगों के बीच आपसी संपर्क से जुड़े तंत्र शामिल हैं।
18 नवंबर 2025 को मॉस्को में हुई पिछली परिषद बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने देश का प्रतिनिधित्व किया था। राजनाथ सिंह इसी साल अप्रैल में किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे।
मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि राजनाथ सिंह बैठक से इतर द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे या नहीं।
एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने, और बाद में ईरान और बेलारूस भी इसमें शामिल हुए।