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सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को कहा 'फेल प्रोडक्ट', प्रियांक खड़गे बोले: रॉ क्या कर रही है?

भाजपा सांसद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष विदेश में 'संदिग्ध लोगों' से मिलते हैं। कर्नाटक के मंत्री ने चुनौती दी कि अगर राहुल गांधी ने कुछ देश-विरोधी किया है तो भाजपा दस्तावेज दिखाए।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Nitesh Modi / Wikimedia Commons; VISHWAVANI TV / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0, CC BY 3.0

मुख्य बातें

  1. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं में 'संदिग्ध लोगों' से मिलते हैं।
  2. प्रियांक खड़गे ने पूछा कि अगर आरोप सही है तो क्या देश की खुफिया एजेंसियां 'इतनी बेकार' हैं।
  3. यह बहस गुरुवार को भाजपा के इस आरोप के बाद आई कि राहुल गांधी 'अराजकता और गद्दारी' को बढ़ावा दे रहे हैं।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच शुक्रवार से शनिवार तक आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नेता प्रतिपक्ष पर विदेश में “संदिग्ध लोगों” से मिलने और लौटकर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

भाजपा सांसद त्रिवेदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं, अज्ञात जगहों पर जाते हैं और संदिग्ध लोगों से मिलते हैं।” उन्होंने कहा कि लौटने के बाद गांधी “भारत-विरोधी प्रचार” करते हैं।

शनिवार तड़के कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने यह आरोप सरकार की ओर ही मोड़ दिया। उन्होंने कहा, “क्या उनके पास यह खुफिया जानकारी नहीं है कि राहुल गांधी विदेश में किससे मिल रहे हैं? क्या हमारी खुफिया एजेंसियां इतनी बेकार हैं? रॉ क्या कर रही है?” उनका तर्क था कि भाजपा प्रवक्ता असल में देश के नेतृत्व को “सबसे अक्षम विदेश मंत्री, सबसे अक्षम गृह मंत्री और सबसे अक्षम प्रधानमंत्री” बता रहे हैं। उन्होंने जोड़ा, “अगर वे कुछ देश-विरोधी कर रहे हैं तो दस्तावेज दिखाइए।”

‘फेल प्रोडक्ट’

त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का बड़ा हिस्सा गांधी के नेतृत्व के रिकॉर्ड पर लगाया। उन्होंने कहा, “मैं इस दावे के समर्थन में तथ्य और सबूत पेश करूंगा कि वह (राहुल गांधी) एक ‘फेल प्रोडक्ट’ हैं।” उन्होंने कहा कि गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई और 2014 के लोकसभा चुनाव में 50 सीटें भी पार नहीं कर सकी।

उन्होंने राजनीतिक परिवारों के बेटे-बेटियों को तरजीह न देने के गांधी के वादे को याद दिलाया और उसे आज की संसद के सामने रखा। उन्होंने कहा, “आज कांग्रेस पार्टी के इतिहास में पहली बार नेहरू-गांधी परिवार के तीन सदस्य (मां, बेटा और बेटी) संसद में हैं।”

उन्होंने गांधी के कामकाजी जीवन का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक गांधी 1996 से 1999 तक ब्रिटिश कंपनी मॉनिटर से जुड़े रहे और बाद में 2003 से 2009 तक एक और कंपनी, बैकऑप्स, के निदेशक रहे, और दोनों कंपनियां बंद हो गईं। त्रिवेदी ने कहा कि 2014 में 16 क्षेत्रों में आंतरिक चुनाव से उम्मीदवार चुनने का प्रयोग भी बेनतीजा रहा।

हफ्ते भर की तीखी बयानबाजी

शुक्रवार का हमला गुरुवार के बाद आया, जब भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गांधी पर “अराजकता और गद्दारी” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाटिया और उनके साथी प्रदीप भंडारी ने फॉक्स न्यूज की एक जांच का हवाला दिया, जो उनके मुताबिक फ्रांस के प्रदर्शनों को भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शनों से जोड़ती है। ये आरोप लगाए जाते समय कांग्रेस ने इन पर कोई जवाब नहीं दिया था।

विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को अपने अभियान के केंद्र में रखा है। इस हफ्ते अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंसों में भाजपा का जवाब यह रहा है कि निशाना खुद गांधी पर साधा जाए।