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आइसा नेता ने बांग्लादेश के जेन-ज़ी आंदोलन की तारीफ की, भाजपा बोली: राहुल गांधी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा की टिप्पणी पर निशाना साधा। बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों में आगे रहने वाली छात्र नेता हैं।

मुख्य बातें
- आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने बुधवार को एक कार्यक्रम में बांग्लादेश के जेन-ज़ी आंदोलन की तारीफ की।
- भाजपा के प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस का इकोसिस्टम "सत्ता परिवर्तन लाना चाहता है"।
- बोरा मंगलवार को राहुल गांधी की इंडिया गठबंधन हाई टी में शामिल हुई थीं।
भाजपा ने गुरुवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर सरकार बदलवाने की कोशिश का आरोप लगाया। इसके लिए उसने छात्र नेता नेहा बोरा की टिप्पणी को आधार बनाया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों के सबसे जाने-पहचाने चेहरों में से एक बन गई हैं।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष बोरा ने बुधवार को बांग्लादेश के जेन-ज़ी आंदोलन की तारीफ की और कहा कि इससे भारत के युवाओं को प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा, “हमें रास्ता दिखाने के लिए आपको बधाई।” सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने जोड़ा, “हम आपको लाल सलाम पेश करते हैं।”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उनकी बातों से पता चलता है कि विपक्ष का अभियान असल में किस बारे में है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस का इकोसिस्टम राजनीतिक प्रतिरोध के बजाय “सत्ता परिवर्तन लाना चाहता है”, और विपक्ष के नेता का इरादा “भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करना” है।
भंडारी ने वकील प्रशांत भूषण की उस कथित टिप्पणी का भी हवाला दिया, जिसमें उनके मुताबिक “ऐसी क्रांति जिसमें खून बहेगा” की बात कही गई थी। भंडारी ने कहा कि यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
बोरा दोनों पक्षों के लिए अहम क्यों
बोरा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों की अगुवाई की है और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा है। मंगलवार को वे उन वक्ताओं में थीं जिन्होंने राहुल गांधी के घर पर इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के लोगों के लिए रखी गई हाई टी में बात रखी। वहां राहुल गांधी ने कहा था, “राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा और यह जीतेगा।”
गुरुवार दोपहर तक भंडारी की टिप्पणी पर कांग्रेस या आइसा की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया था।