राजनीतिभाजपा बनाम इंडिया गठबंधन
"हारें तो ईवीएम पर दोष": दिल्ली मार्च पर भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर हमला
इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च के बीच योगी आदित्यनाथ, अनुराग ठाकुर, देवेंद्र फडणवीस और हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस अराजकता फैला रही है और जनता को परेशान कर रही है।
- अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को 'हवा-हवाई' नेता बताया, जो हार के बाद चुनाव आयोग पर दोष मढ़ते हैं।
- फडणवीस और सरमा ने विपक्ष पर सड़क पर मार्च के ज़रिए न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
सोमवार को जब विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण के मुद्दे पर दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे, तब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एक सुर में कांग्रेस पर देश की संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाया।
सबसे तीखा हमला उत्तर प्रदेश से आया, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस राजधानी में आम जनजीवन बाधित कर रही है और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर तभी सवाल उठाती है जब नतीजे उसके ख़िलाफ़ जाते हैं।
उन्होंने कहा, “वे अराजकता फैलाकर आम जनता को परेशान कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि चुनाव जीतें तो यह उनकी काबिलियत है, लेकिन हार जाएं तो ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।”
उन्होंने कांग्रेस को अपना “भ्रष्ट आचरण और अविश्वसनीय नेतृत्व” बदलने की सलाह दी और चेतावनी दी, “लोग यह अराजकता स्वीकार नहीं करेंगे, ज़्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस 1985 के बाद से उत्तर प्रदेश में सत्ता में नहीं लौट पाई है।
“हवा-हवाई” नेता
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सीधे राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ‘हवा-हवाई’ नेता हैं, सब कुछ शून्य है, बस खोखली बातें।” उन्होंने कहा, “99 चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग और सरकार को दोष देना उनकी आदत बन गई है।” ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय सबूत पेश करने चाहिए, और विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के दौरान भी राहुल गांधी ने कोई सबूत नहीं दिया।
पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस अपनी वैचारिक दिशा खो चुकी है, कुछ राज्यों को छोड़कर हर जगह वह छोटी सहयोगी बनकर रह गई है, और वोट जीतने के बजाय संस्थाओं को बदनाम करके सत्ता में लौटना चाहती है।
मुख्यमंत्री भी मैदान में
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य न्यायाधीश के गठबंधन नेताओं से न मिलने के मुद्दे पर कहा, “संविधान में कहां लिखा है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश को किसी विरोध मार्च से मिलना होगा?” मुंबई में उन्होंने इस मार्च को “देश की न्यायिक संस्थाओं को बदनाम करने और जनता का भरोसा कम करने की साज़िश” बताया।
संवैधानिक संस्थाओं को किसी पार्टी की चुनावी हताशा के प्रति जवाबदेह नहीं बनाया जा सकता। जनादेश सम्मान का हक़दार है। हमारी संस्थाएं स्वतंत्रता की हक़दार हैं।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि विपक्ष “एसआईआर को लेकर बेवजह हंगामा कर रहा है”।
विपक्ष का जवाब
मार्च में शामिल विपक्षी नेता अपनी बात पर डटे रहे। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा, “यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने का मामला है।” उन्होंने यह आरोप दोहराया कि दो चुनाव आयुक्तों ने अपनी सहमति के बिना लिए गए फ़ैसलों पर आपत्ति जताई थी। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने पूछा, “ज्ञानेश कुमार कहां छिपे हैं?”
सोमवार शाम पुलिस ने मार्च को सुप्रीम कोर्ट से पहले ही रोक दिया, और गठबंधन ने चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ अपनी याचिका दाखिल कर दी। दिल्ली के प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा।
मूल दस्तावेज़
- BJP accuses LoP Rahul Gandhi of weakening constitutional institutions and tarnishing country's imageAll India Radio News, 12 अक्टूबर 2026