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विधानसभा चुनाव 2027: यूपी, पंजाब समेत पांच राज्यों में फरवरी-मार्च में चुनाव की उम्मीद

मणिपुर, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच खत्म हो रहा है। इनमें से चार राज्यों में जनगणना की गिनती चुनाव से पहले दिसंबर में कर दी गई है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विधान भवन
लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विधान भवनMohammad Azahar / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. न्यूज़24 के मुताबिक, मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड विधानसभाओं का कार्यकाल 13 से 28 मार्च 2027 के बीच खत्म होगा, और उत्तर प्रदेश विधानसभा का 22 मई 2027 को।
  2. रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयोग पांचों राज्यों में फरवरी और मार्च में एक साथ चुनाव करा सकता है; 11 अक्टूबर तक कोई कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ था।
  3. उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के बर्फ से न ढके इलाकों में जनगणना की गिनती पहले खिसकाकर 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 कर दी गई है।
  4. मतदाता सूचियों का एसआईआर उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में पूरा हो चुका है; पंजाब और उत्तराखंड में अंतिम सूची का इंतज़ार है।

पांच राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 की पहली छमाही में पूरा हो रहा है, और रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयोग पांचों राज्यों में फरवरी और मार्च में एक साथ चुनाव करा सकता है। 11 अक्टूबर तक कोई कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ था।

कार्यकाल कब खत्म हो रहा है

न्यूज़24 ने 7 सितंबर को रिपोर्ट किया कि मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को खत्म होगा, उसके बाद गोवा का 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च को। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म होगा। विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से गिना जाता है, इसलिए ये तारीखें 2022 में हुए मतदान की तारीखों से अलग हैं।

2027 विधानसभा चुनावों से पहले की अहम तारीखें

  1. 16-30 नवंबर 2026यूपी, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के बर्फ से न ढके इलाकों में जनगणना के लिए स्व-गणना की अवधि।
  2. 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027इन्हीं चार राज्यों में जनगणना के तहत जनसंख्या की गिनती; संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027।
  3. 13 मार्च 2027मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल खत्म।
  4. 14 मार्च 2027गोवा विधानसभा का कार्यकाल खत्म।
  5. 16 मार्च 2027पंजाब विधानसभा का कार्यकाल खत्म।
  6. 28 मार्च 2027उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल खत्म।
  7. 22 मई 2027उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल खत्म।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जून में बताया था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 15 चुनाव आयोग को विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले तक चुनाव की अधिसूचना जारी करने की इजाज़त देती है। मणिपुर का कार्यकाल खत्म होने से पहले पांचों राज्यों में एक साथ चुनाव हुए तो उत्तर प्रदेश में मतदान अपनी समय सीमा से करीब दो महीने पहले हो जाएगा। न्यूज़24 के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में एक से ज़्यादा चरणों में मतदान हो सकता है।

चुनाव के लिए जनगणना का समय बदला

भारत के महापंजीयक ने 5 सितंबर को अधिसूचित किया कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के बर्फ से न ढके हिस्सों में जनगणना 2027 के तहत जनसंख्या की गिनती 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी, और 5 से 9 जनवरी तक पुनरीक्षण दौर चलेगा। ईटीवी भारत के मुताबिक, इन राज्यों के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 00:00 बजे है, जबकि देश के ज़्यादातर हिस्सों के लिए यह 1 मार्च 2027 है। ईटीवी भारत ने बताया कि यह गिनती उन राज्यों में पहले की जा रही है जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने की संभावना है। न्यूज़24 के मुताबिक, मणिपुर में जनगणना का मकान सूचीकरण टाल दिया गया है।

मतदाता सूचियां कहां पहुंचीं

न्यूज़24 के मुताबिक, मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पांच में से तीन राज्यों में पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची 13.2% घटकर 13.4 करोड़ रह गई, गोवा की 10.2% घटकर 10.6 लाख, और मणिपुर के करीब 7.6% मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिसके बाद वहां 19.3 लाख मतदाता बचे।

पांच राज्यों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण

  • 13.2%एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में गिरावट, अब 13.4 करोड़
  • 10.2%गोवा की मतदाता सूची में गिरावट, अब 10.6 लाख
  • 20.66 लाखअगस्त में पंजाब की मसौदा सूची से हटाए गए नाम
  • 12.8 लाखपंजाब के मतदाता जिनका 2003 की सूची से मिलान नहीं हुआ और जिन्हें नोटिस भेजे गए

पंजाब और उत्तराखंड में अंतिम सूची का इंतज़ार है। द ट्रिब्यून के मुताबिक, 13 अगस्त को प्रकाशित पंजाब की मसौदा सूची से 20.66 लाख नाम हटाए गए, जो जून की सूची का करीब 9.7% है, और ऐसे 12.8 लाख और मतदाताओं से दस्तावेज़ जमा करने को कहा गया जिनका 2003 की सूचियों से मिलान नहीं हो सका।

पार्टियों की तैयारी

एएनआई के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने सितंबर के आखिर में दिल्ली में करीब 65 प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद 1 और 2 अक्टूबर को लखनऊ में संगठन की बैठकें तय थीं और 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दो दिन की बैठक का प्रस्ताव था। पीटीआई के मुताबिक, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अपने गठबंधन की एकता पर ज़ोर दिया है, लेकिन दोनों पार्टियों के सांसदों ने गठबंधन के चेहरे के तौर पर अलग-अलग नेताओं का समर्थन किया है। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, और दिप्रिंट के मुताबिक अकाली-भाजपा गठबंधन को फिर से ज़िंदा करना एजेंडे में था। पंजाब भाजपा प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने कहा: “कोई भी जाकर प्रधानमंत्री से मिल सकता है। हम सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने जा रहे हैं।” पंजाब में 117 सीटें हैं।

हिमाचल प्रदेश और गुजरात में 2027 में बाद में चुनाव होने हैं। सभी तारीखों के लिए चुनाव कैलेंडर देखें।