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विषयमतदाता सूचियां

मतदाता सूचियां और विशेष गहन पुनरीक्षण

चुनाव आयोग की घर-घर जाकर मतदाता सूचियों की दोबारा जांच, जो अब तीसरे चरण में है, और सूचियों से बाहर हुए नामों पर विवाद।

संपादकीय डेस्क सेप्रकाशित

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) की वह प्रक्रिया है जिसमें बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता सूची के हर नाम की दोबारा जांच करते हैं। ईसीआई के मुताबिक इसका मकसद है कि “कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।” यह जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ और अब तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है।

अभी क्या स्थिति है

तीसरे चरण की मसौदा सूचियों में इतने बड़े पैमाने पर नाम छूटे हैं कि एसआईआर इस साल चुनाव से जुड़ा सबसे बड़ा विवाद बन गया है। डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक, 1 सितंबर तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा सूचियों से 6.15 करोड़ से ज़्यादा नाम बाहर रहे। सबसे ज़्यादा नाम महाराष्ट्र में कटे (2.07 करोड़) और सबसे बड़ा हिस्सा दिल्ली में (32.78%)। ईसीआई का कहना है कि ये अंतिम रूप से हटाए गए नाम नहीं हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि पात्र मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है; ईसीआई “वोट चोरी” के आरोप को भ्रामक कहानी का हिस्सा बताता है। अब राज्यवार अंतिम सूचियां प्रकाशित हो रही हैं।

अदालती चुनौतियां जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ऑब्ज़र्वर के मुताबिक, अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने ईसीआई को पश्चिम बंगाल में लंबित अपीलों का ब्योरा देने का निर्देश दिया, और सितंबर में दिल्ली की एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में कहा गया है कि जिन मतदाताओं को “तार्किक विसंगति” के नोटिस मिले, उन्हें साफ नहीं बताया गया कि उन्हें क्या करना है। विरोध सड़कों पर भी पहुंच गया है: आईएएनएस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को पटना में एसआईआर के खिलाफ मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी थे।

एसआईआर की अहम तारीखें

  1. जून 2025बिहार में एसआईआर शुरू।
  2. 14 मई 2026ईसीआई ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में तीसरे चरण की घोषणा की।
  3. 27 मई 2026सुप्रीम कोर्ट ने बिहार एसआईआर को सही ठहराया।
  4. 31 अगस्त 2026महाराष्ट्र और दिल्ली की मसौदा सूचियां प्रकाशित।
  5. 25 सितंबर 2026जहां पुनरीक्षण पूरा हो चुका है, वहां ईसीआई ने ऑनलाइन फॉर्म 6 से एसआईआर का अतिरिक्त घोषणापत्र हटाया।
  6. 5 अक्टूबर 2026सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने फॉर्म 6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी।
  7. 12 अक्टूबर 2026महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियों की बढ़ाई गई आखिरी तारीख; अंतिम सूची 16 नवंबर को आनी है।

अहम आंकड़े

  • 36.73 करोड़तीसरे चरण के दायरे में आए मतदाता
  • 6.15 करोड़+1 सितंबर तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तीसरे चरण की मसौदा सूचियों से बाहर नाम
  • 2.37 करोड़एसआईआर शुरू होने के बाद जोड़े गए 18 से 28 साल के मतदाता

मुख्य सवाल

क्या मसौदा मतदाता सूची से कटा नाम हमेशा के लिए हट जाता है? नहीं। ईसीआई का कहना है कि मसौदा सूची से बाहर होना अंतिम रूप से नाम हटना नहीं है। दावों की अवधि में मतदाता फॉर्म 6 और एक घोषणापत्र के साथ नाम जुड़वाने का आवेदन कर सकते हैं।

एसआईआर में नाम क्यों कटे? जिन मतदाताओं के गणना फॉर्म जमा नहीं हुए, उन्हें ईसीआई ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि की श्रेणियों में रखा है।

एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट क्या कर रहा है? उसने मई 2026 में बिहार एसआईआर को सही ठहराया था। अब वह यह जांच रहा है कि फॉर्म 6 में बदलाव किसने किया और क्या सीईसी पूरे आयोग को मिली शक्तियों का अकेले इस्तेमाल कर सकते हैं।

मतदाता सूची में अपना नाम कैसे जांचें? voters.eci.gov.in या ईसीआईनेट (ECINET) ऐप पर एपिक या मोबाइल नंबर से खोजें, या अपने बीएलओ से पूछें। हमारा चरण-दर-चरण गाइड देखें।

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