ट्रैकरसुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के बड़े मामले: क्या तय हुआ और क्या लंबित है
चुनाव, संघवाद, धर्म और संसद की शक्तियों से जुड़े ग्यारह मामले, पीठ, आखिरी सुनवाई और आगे के कदम के साथ।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) के सामने ऐसे कई मामले हैं जिनका असर इस पर पड़ता है कि भारत का शासन कैसे चलता है। यह ट्रैकर इनमें से 11 मामलों पर नज़र रखता है।
कुछ मामले तय हो चुके हैं। अगस्त में नौ जजों की पीठ “उद्योग” किसे माना जाए, इस पर 4-4-1 से बंट गई; सात जजों की पीठ ने 6 अक्टूबर को विधायी विशेषाधिकार से जुड़ा संदर्भ बिना जवाब दिए बंद कर दिया; और कोर्ट ने देशभर में नीट के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दीं। बाकी मामलों में इंतज़ार है। सबरीमला संदर्भ पर 14 मई से फैसला सुरक्षित है। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की चुनौती संविधान पीठ के पास जाने वाली है। और राज्यों ने कहा है कि वे खनिजों पर कर लगाने की उनकी शक्ति सीमित करने वाले नए खनन कानून को चुनौती देंगे।