राज्यअसम और तेलंगाना
हिमंत की कांग्रेस शासित राज्यों को इस्तीफे की चुनौती, रेवंत बोले सीईसी हटें
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारें पहले इस्तीफा दें, तो वे बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। दिल्ली पहुंचे तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर विपक्षी मतदाताओं के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है।

मुख्य बातें
- हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि तीन राज्यों की कांग्रेस सरकारें इस्तीफा दें तो वे बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
- उन्होंने असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड में घुसपैठ का हवाला देकर एसआईआर हर पांच साल में कराने की मांग की।
- रेवंत रेड्डी ने कहा कि "ज्ञानेश कुमार गो बैक" आंदोलन देश को बचाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि वे बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं, बशर्ते केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारें पहले इस्तीफा दें। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विवाद अब देश भर के मुख्यमंत्रियों तक पहुंच गया है।
गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरमा ने कांग्रेस के “वोट चोरी” के आरोप का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ये तीनों सरकारें भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में ईवीएम से ही चुनी गई थीं, और अगर कांग्रेस मानती है कि प्रक्रिया में धांधली हुई तो इन सरकारों को हट जाना चाहिए।
“मैं बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हूं,” उन्होंने कहा।
एसआईआर के पक्ष में दलील
सरमा ने कहा कि एसआईआर ज़रूरी है क्योंकि अवैध घुसपैठ ने असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड की जनसांख्यिकी बदल दी है। उन्होंने यह पुनरीक्षण हर पांच साल में कराने की मांग की।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश का आरोप लगाया। उनके मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन में सिर्फ 2,000 से 3,000 लोग शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को उन्होंने “दिमागी नक्सली” कहा जो नहीं चाहते कि भारत आगे बढ़े।
दिल्ली में रेवंत रेड्डी
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर विपक्ष के प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उसी दिन पत्रकारों से बिल्कुल उलटी बात कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में बने रहने के लिए प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग का इस्तेमाल किया और अब एसआईआर का इस्तेमाल कर रही है, क्योंकि उसे अगला चुनाव हारने का डर है, इसलिए वह विपक्षी मतदाताओं के नाम हटा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को भाजपा विरोधी मतदाताओं, खासकर दलितों, आदिवासियों, युवाओं, बेरोज़गारों और गरीबों के नाम हटाने का काम सौंपा गया है, और बाकी दो चुनाव आयुक्तों ने इस प्रक्रिया की गलतियों पर आपत्ति जताई थी।
रेड्डी ने कहा कि भाजपा उन राज्यों में हारी जहां एसआईआर नहीं हुआ, और बिहार व पश्चिम बंगाल में जीती जहां यह हुआ। उनका दावा था कि आबादी बढ़ने के बावजूद देश में मतदाताओं की संख्या 97 करोड़ से घटकर 81 करोड़ रह गई है। उन्होंने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या आपत्ति है।
उन्होंने राहुल गांधी के शुरू किए अभियान की तुलना आज़ादी की लड़ाई के “साइमन गो बैक” आंदोलन से की। “ज्ञानेश कुमार गो बैक आंदोलन देश को बचाएगा,” उन्होंने कहा।