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अखिलेश का आरोप, भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर बिगाड़ रहे यूपी की मतदाता सूची; राजभर बोले, सपा को हार का डर
सपा प्रमुख ने लखनऊ और सुल्तानपुर में भरे गए फॉर्म 7 का हवाला दिया। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पूछा कि क्या 2024 में सपा की जीत भी ईमानदारी से हुई थी।

मुख्य बातें
- अखिलेश यादव का आरोप है कि सरोजिनी नगर में एक व्यक्ति से 100 से ज़्यादा फॉर्म 7 भरवाए गए।
- उन्होंने कहा कि करीब 87 लाख फॉर्म 6 में से चुनाव आयोग ने सिर्फ 71.38 लाख का ब्योरा सार्वजनिक किया।
- यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा 2027 की हार के बहाने तैयार कर रही है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलकर उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सपा समर्थकों के खिलाफ थोक में आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
लखनऊ में पत्रकारों से उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी मिलकर भारत के लोकतंत्र को धोखा दे रहे हैं।”
अखिलेश ने कहा कि लखनऊ के सरोजिनी नगर में दशरथ नाम के एक व्यक्ति से 100 से ज़्यादा फॉर्म 7 भरवाए गए। यह फॉर्म सूची में किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं ने इसे पकड़ा और चुनाव आयोग ने शिकायत स्वीकार की। इससे पहले दिन में पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सुल्तानपुर के ऐसे ही एक मामले का ज़िक्र किया।
उन्होंने नए नाम जोड़े जाने पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक नए मतदाताओं के लिए करीब 87 लाख फॉर्म 6 आए और 84.30 लाख लोग अंतिम सूची में जोड़े गए, लेकिन आयोग ने सिर्फ 71.38 लाख आवेदनों का ब्योरा सार्वजनिक किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि 2027 के चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा, “पीडीए आगे बढ़ेगा। जो पीडीए को रोकने की कोशिश करेंगे, वे रोक नहीं पाएंगे।” पीडीए से उनका मतलब पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के सपा के मोर्चे से है।
राजभर का पलटवार
योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा हार को सही ठहराने के लिए झूठी कहानी गढ़ रही है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की 37 सीटों की याद दिलाई।
राजभर ने एक्स पर लिखा, “अखिलेश यादव जी, बस एक बात बताइए। 2024 के लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुए या नहीं?” उन्होंने लिखा, “या तो ‘24 में आपके मतदाता फर्ज़ी थे, या आज आप खुलेआम अफवाह फैला रहे हैं।”
यह ज़ुबानी जंग ऐसे समय हुई है जब इंडिया गठबंधन के दल देश भर में पुनरीक्षण के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।