LokVox

राजनीतिउत्तर प्रदेश 2027

ओवैसी का आरोप: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ में 'सेटिंग'

एआईएमआईएम प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि समाजवादी पार्टी को वोट देकर उन्हें नुकसान हुआ, और 2027 का मुकाबला "99 बनाम 1" होगा।

संपादकीय डेस्क से · लखनऊप्रकाशित
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Planet Bulletin / Wikimedia Commons; Prateek Dubey / Wikimedia Commons, CC BY 3.0

मुख्य बातें

  1. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को वोट देकर मुसलमान "बर्बाद" हो गए।
  2. उन्होंने अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच "समझ और सेटिंग" का आरोप लगाया।
  3. यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के मुस्लिम वोट पर एआईएमआईएम की दावेदारी का संकेत है।

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अंदरूनी समझ रखने का आरोप लगाया। इससे राज्य के 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों की लड़ाई में एक नया मोर्चा खुल गया है।

लखनऊ में एक इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा, “देखिए, अखिलेश यादव की पार्टी, समाजवादी पार्टी को वोट देकर मुसलमान बर्बाद हो गए।” उन्होंने कहा, “हम दरी बिछाना नहीं चाहते, हम अपनी हिस्सेदारी की बात करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से कहती आई है कि दोनों नेता उतने विरोधी नहीं हैं जितने दिखते हैं। उन्होंने कहा, “हम शुरू से कह रहे हैं कि यूपी के सीएम और अखिलेश यादव के बीच समझ और सेटिंग है।”

“99 बनाम 1”

ओवैसी ने दोनों नेताओं को सीटें बदलने की चुनौती भी दी: “सीएम संभल से आकर चुनाव लड़ें, और अखिलेश गोरखपुर जाकर लड़ें।” उन्होंने पूछा कि वे “‘तुम यहां आओ, मैं वहां जाऊं’ का यह ड्रामा” क्यों कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया कि समाजवादी पार्टी ने शिबली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिया, और चेताया कि “एक बड़ा बदलाव हो रहा है जिसे समाजवादी पार्टी नहीं देख रही, लेकिन जल्द समझ जाएगी”।

उन्होंने आने वाले चुनाव को “99 बनाम 1” का मुकाबला बताया, जिसमें “99% उत्तर प्रदेश के ग़रीब नागरिक हैं”।

सोमवार को समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उस दिन अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन के मार्च के लिए दिल्ली में थे। उत्तर प्रदेश की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को ख़त्म होगा।