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तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचेगी सीजेपी, पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया

अभिजीत दिपके ने समर्थकों को शुक्रवार शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क बुलाया है। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा है कि कानून के तहत हर संभव कदम उठाया जाएगा, और आउटर सर्कल पर बैरिकेड लग चुके हैं।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
कनॉट प्लेस, नई दिल्लीPhoto: Slyronit / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. सीजेपी का तिरंगा प्रदर्शन शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे होना है।
  2. पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि "कानून के तहत हर संभव कदम" उठाए जाएंगे।
  3. पार्टी की पहली मांग अब भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को तिरंगे से भर देने की कोशिश करेगी। यह प्रदर्शन पार्टी के दो नेताओं को तिहाड़ भेजे जाने के दो दिन बाद हो रहा है। दिल्ली पुलिस साफ कर चुकी है कि वह यह जमावड़ा नहीं चाहती, और शाम तक राजधानी के इस प्रमुख बाजार में भारी सुरक्षा रहने की संभावना है।

पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसे “लहरा दो तिरंगा” नाम दिया है। सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वे सूची से हटाए गए प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर में तिरंगा लेकर घुस गए थे। दिपके ने लिखा, “हम दिखाएंगे कि तिरंगा लहराना अपराध नहीं है।”

चार मांगें

दिपके ने गुरुवार शाम प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की शर्तें रखीं। मंच पर उनके साथ आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, अभिनेता प्रकाश राज, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, एसएफआई नेता आइशी घोष, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के शेख सलाउद्दीन थे।

सीजेपी चाहती है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तुरंत इस्तीफा दें। उसकी मांग यह भी है कि दास, रांका और हिरासत में लिए गए बाकी सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए, उसके शब्दों में “पुलिस बर्बरता” बंद हो, और जंतर-मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल बनाया जाए।

दिपके ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री सड़कों पर उतरे और हिरासत में लिए गए, तो सवाल उठता है, “किसके लिए? एक ज्ञानेश कुमार के लिए।” उन्होंने आगे कहा, “हम यह क्यों न मानें कि ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी को चुनाव जिताने में मदद कर रहे हैं?” उन्होंने 10 अक्टूबर के सीजेपी प्रदर्शन के समय ट्रेनों पर लगी रोक, मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का भी जिक्र किया।

पुलिस ने क्या कहा

पुलिस ने गुरुवार को अदालत में अपना रुख रखा। सेंट्रल पार्क के नीचे पालिका बाजार में कपड़े बेचने वाले अनिल कुमार गुप्ता की याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की पीठ सुनवाई कर रही थी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ से कहा कि पुलिस दिपके के खिलाफ कार्रवाई करेगी। अदालत ने उनका यह आश्वासन दर्ज किया कि “कानून के तहत हर संभव कदम उठाए जाएंगे”, और मामले को 3 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया।

गुप्ता के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने दलील दी, “इस प्रदर्शन को रोका जाना चाहिए।” उन्होंने पीठ से कहा कि सेंट्रल पार्क तय प्रदर्शन स्थल नहीं है।

गुरुवार को सुरक्षाकर्मी आउटर सर्कल पर बैरिकेड लगा रहे थे, और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा और यातायात की योजना तय होनी थी। कनॉट प्लेस के आसपास नए ट्रैफिक डायवर्जन की उम्मीद है, हालांकि शुक्रवार सुबह तक कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई थी। सीजेपी के पिछले आह्वानों पर मध्य दिल्ली में सड़कें बंद हुई थीं और मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे।

कौन आएगा

आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन के समर्थन की बात कही है, और राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता इस हफ्ते कह चुके हैं कि तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। उनकी पार्टियां सेंट्रल पार्क में कार्यकर्ता भेजेंगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। जो समर्थक दिल्ली नहीं पहुंच सकते, दिपके ने उनसे अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालने को कहा है।

दास और रांका अभी न्यायिक हिरासत में हैं।