राजनीतिप्रदर्शन
दिल्ली हवाई अड्डे पर हूटिंग के बाद दिपके ने कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन बुलाया
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक चाहते हैं कि समर्थक शुक्रवार शाम झंडे लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचें और पार्टी के दो नेताओं को जेल भेजे जाने का विरोध करें। नागपुर से लौटने पर हवाई अड्डे पर कुछ लोगों ने उनकी हूटिंग की।

मुख्य बातें
- अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन बुलाया है।
- जो समर्थक दिल्ली नहीं आ सकते, उनसे अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालने को कहा गया।
- दादी के अंतिम संस्कार से लौटते समय दिल्ली हवाई अड्डे पर कुछ लोगों ने दिपके की हूटिंग की।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से शुक्रवार शाम राष्ट्रीय ध्वज लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने को कहा है, ताकि पार्टी के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल भेजे जाने का विरोध किया जा सके।
दिपके ने बुधवार को कहा, “तिरंगा लहराना अपराध नहीं है।” उन्होंने लोगों से 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे सीपी के सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की, जिसे वे “लहरा दो तिरंगा” कह रहे हैं। उन्होंने कहा, “तानाशाह को बता दो कि तिरंगा हमारा गौरव है और इसे लहराना अपराध नहीं है।” जो समर्थक कम समय में दिल्ली नहीं पहुंच सकते, उनसे अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालने को कहा गया।
दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मंगलवार को वे झंडा लेकर जंतर-मंतर में घुसे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। सप्ताहांत में जंतर-मंतर को दिल्ली के तय प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। दिपके ने केंद्र पर असहमति को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “थोड़ी हिम्मत दिखाइए, @narendramodi,” और सरकार से खुलकर आपातकाल घोषित करने को कहा।
बुधवार को इससे पहले, नागपुर से लौटे दिपके की इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ लोगों ने हूटिंग की। वे अपनी दादी के अंतिम संस्कार के लिए नागपुर गए थे, जिनका 10 अक्टूबर को निधन हुआ था, जब दिपके पुलिस हिरासत में थे। एक व्यक्ति ने उनसे पूछा, “आप देश को क्यों बर्बाद कर रहे हैं?” एक अन्य चिल्लाया, “यह चोर है।” सुरक्षाकर्मी उन्हें इंतजार कर रही कार तक ले गए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस, दूसरे विपक्षी दलों और सीजेपी की आलोचना की है। उनका कहना है कि एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों से शहर के लोगों को परेशानी हो रही है।