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ब्लास्ट फ़र्नेस की अपनी ही गैस दोबारा इस्तेमाल कर कोयला घटाने का दावा
हेलिक्स कार्बन का कहना है कि उसका इलेक्ट्रोलाइज़र फ़र्नेस की कार्बन डाइऑक्साइड को फिर कार्बन मोनोऑक्साइड में बदल देता है, जिससे एक-तिहाई कोक की जगह भर जाती है और हर टन लोहे पर करीब 14 डॉलर बचते हैं।

मुख्य बातें
- हेलिक्स कार्बन की प्रक्रिया ब्लास्ट फ़र्नेस की सीओ2 को फिर कार्बन मोनोऑक्साइड में बदलती है।
- शुरुआत में इसका लक्ष्य फ़र्नेस में जलने वाले 33% कोक की जगह लेना है।
- कंपनी के मुताबिक बचत हर टन लोहे पर करीब 14 डॉलर है।
जलवायु तकनीक पर काम करने वाली एक नई कंपनी का कहना है कि वह ब्लास्ट फ़र्नेस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को फिर से उसी फ़र्नेस का ईंधन बनाकर लोहा सस्ता और साफ़ बना सकती है।
हेलिक्स कार्बन टेकक्रंच डिसरप्ट की स्टार्टअप बैटलफ़ील्ड प्रतियोगिता के 20 फ़ाइनलिस्ट में शामिल है। यह कार्यक्रम मंगलवार को सैन फ़्रांसिस्को में शुरू हुआ। कंपनी का निशाना ब्लास्ट फ़र्नेस है, जहाँ कोयले से बना कोक जलकर कार्बन मोनोऑक्साइड बनाता है। यही गैस लौह अयस्क से ऑक्सीजन अलग करती है और पीछे धातु बचती है।
कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी डेविड ब्राउन ने कहा, “ब्लास्ट फ़र्नेस से निपटे बिना स्टील उद्योग को कार्बन-मुक्त करने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होगी।”
यह कैसे काम करता है
हेलिक्स फ़र्नेस की कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़कर एक इलेक्ट्रोलाइज़र से गुज़ारती है। यह उपकरण बिजली और एक उत्प्रेरक की मदद से हर अणु से ऑक्सीजन का एक परमाणु अलग कर देता है। नतीजा कार्बन मोनोऑक्साइड होता है, जिसे वापस फ़र्नेस में डाला जाता है, और फ़र्नेस को कम कोक की ज़रूरत पड़ती है।
ब्राउन ने कहा कि उपकरण फ़र्नेस से निकलने वाली पूरी, कच्ची गैस संभाल सकता है, जो ज़्यादातर इलेक्ट्रोलाइज़र नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, “हमें पहले सीओ2 को अलग से पकड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती।”
कंपनी शुरुआत में किसी उत्पादक के 33% कोक की जगह लेने का प्रस्ताव रखती है और बचत हर टन लोहे पर 14 डॉलर आँकती है। ब्राउन ने कहा, “यह बहुत ज़्यादा नहीं लगता, लेकिन लोहा उद्योग में मुनाफ़े का मार्जिन बेहद कम होने के लिए मशहूर है।” इस तरीक़े पर हुए अध्ययनों के अनुमान काफ़ी अलग हैं। कुछ के मुताबिक 30% से 40% कोक की जगह ली जा सकती है, तो कुछ 90% तक की बात करते हैं।
ब्राउन का तर्क है कि यह तरीक़ा ऐसे उद्योग के लिए सही है जो अपने संयंत्र पीढ़ियों तक चलाता है। उन्होंने कहा, “ऐसी ब्लास्ट फ़र्नेस हैं जो 100 साल से ज़्यादा चली हैं।”
पहले ग्राहक
हेलिक्स ने अभी किसी ग्राहक या पायलट साइट का नाम नहीं बताया है, और न ही यह बताया है कि उत्सर्जन कितना घट सकता है। कंपनी की योजना स्पेशियलिटी केमिकल उद्योग से शुरुआत करने की है, जहाँ उसे कमाई जल्दी शुरू होने की उम्मीद है। वहाँ वह कचरा गैस से मौक़े पर ही रसायन बनाएगी।
ब्राउन ने कहा, “हम बस इसका इस्तेमाल करते हैं, और इससे कचरे की धाराओं से सीधे मौक़े पर ही रसायन बनाने का रास्ता खुल जाता है।”