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एआई कोडिंग टूल ओपनकोड में सेंध, हैकरों ने यूजर्स के एआई खातों पर भारी बिल चढ़ाए

हमलावर एक पुराने सिस्टम तक पहुंचे, जिसमें ओपनकोड कंसोल के 1.4% यूजर्स की एपीआई कुंजियां थीं। कुछ डेवलपर्स पर 1,000 डॉलर से ज़्यादा के शुल्क लगे, और जांच में शुरुआत में एआई मॉडलों ने ही मदद से इनकार कर दिया।

संपादकीय डेस्क से · सैन फ्रांसिस्कोप्रकाशित
स्क्रीन पर कंप्यूटर कोड (फ़ाइल फ़ोटो)
स्क्रीन पर कंप्यूटर कोड (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Markus Spiske markusspiske / Wikimedia Commons, CC0

मुख्य बातें

  1. सेंध से ओपनकोड कंसोल के 1.4% यूजर्स की एआई कुंजियां उजागर हुईं।
  2. कुछ डेवलपर्स ने 1,000 डॉलर से ज़्यादा के अनधिकृत शुल्क की शिकायत की।
  3. ओपनकोड का कहना है कि मामला अभी जारी है और यूजर्स कुंजियां बदलें।

ओपन-सोर्स एआई कोडिंग एजेंट ओपनकोड के एक पुराने सिस्टम में हमलावरों ने सेंध लगाकर कुछ यूजर्स की एआई सेवाओं की कुंजियां उजागर कर दीं। इसके बाद डेवलपर्स पर अनधिकृत बिल चढ़े, जो कुछ मामलों में 1,000 डॉलर से भी ज़्यादा थे।

कंपनी ने सोमवार को बताया कि घुसपैठ रात में हुई और इसका असर ओपनकोड कंसोल के 1.4% यूजर्स पर पड़ा। कंसोल वह प्लेटफॉर्म है जहां कुछ ग्राहक एंथ्रॉपिक, ओपनएआई और गूगल जैसी कंपनियों की सेवाओं की कुंजियां रखते हैं। कंपनी ने इसे “बड़े पैमाने का डिस्टिलेशन हमला” बताया। डिस्टिलेशन का मतलब है किसी मॉडल से भारी मात्रा में आउटपुट निकालना, आम तौर पर किसी दूसरे मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए। कंपनी ने यह नहीं बताया कि हमलावर अंदर कैसे पहुंचे।

किस पर असर पड़ा

ओपनकोड ने प्रभावित यूजर्स को ईमेल भेजा और कहा कि जिन्हें ईमेल नहीं मिला, वे प्रभावित नहीं हैं। सेंध के बारे में लिखने वाले डेवलपर्स ने अपने एआई खातों पर शुल्क की जानकारी दी, जिनमें से कुछ सैकड़ों डॉलर के थे।

एआई कंपनियों ने तेज़ी से कदम उठाए। एंथ्रॉपिक और गूगल ने उजागर कुंजियां ब्लॉक कर दीं, जबकि ओपनएआई ने ओपनकोड के साथ मिलकर पहुंच बहाल की और हमले में खर्च हुए क्रेडिट लौटाए। ओपनकोड ने कहा कि रिफंड दिए जा रहे हैं।

ओपनकोड के सह-संस्थापक डैक्स राड ने कहा कि लीक हुई कुंजियां सिर्फ कंसोल तक सीमित थीं और ओपन-सोर्स ऐप व कमांड-लाइन टूल पर कोई असर नहीं पड़ा। उनके मुताबिक हमलावर 48 घंटे से लगातार अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे।

जब सुरक्षा उपाय ही आड़े आए

जांच में एक अनोखी अड़चन आई। राड ने बताया कि व्यावसायिक एआई मॉडलों ने शुरू में मदद की, लेकिन जैसे ही दुर्भावनापूर्ण कोड उनके सुरक्षा फ़िल्टर से टकराया, उन्होंने उसका विश्लेषण करने से मना कर दिया। बाद में ओपनकोड को ओपनएआई के डेब्रेक ब्लू कार्यक्रम तक पहुंच मिली, जो जांचे-परखे यूजर्स को ऐसे मॉडल देता है जो रक्षात्मक सुरक्षा कार्य से कम इनकार करते हैं। राड के मुताबिक इससे जांच बेहतर हुई।

जुलाई में हगिंग फेस को भी ऐसी ही दिक्कत हुई थी, जब व्यावसायिक मॉडलों ने एक घुसपैठ के विश्लेषण में रुकावट डाली। अमेरिकी राष्ट्रपति की विज्ञान और प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद के सह-अध्यक्ष डेविड सैक्स ने एक्स पर लिखा, “सुरक्षा उपाय उलटे पड़ गए।”

अब भी क्या पता नहीं

ओपनकोड ने अभी यह नहीं बताया कि हमलावर कैसे घुसे, कुंजियां कैसे रखी गई थीं या कितना दुरुपयोग हुआ। कुछ जानकारों ने सवाल उठाया कि “डिस्टिलेशन” का दावा साबित है या नहीं।

कंपनी ने प्रभावित यूजर्स से हर सेवा प्रदाता के पास अपनी कुंजियां रद्द कर नई बनाने को कहा है, और कहा है कि मामला अभी जारी है।

यह सेंध एआई एजेंटों और डेवलपर टूल्स से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की कड़ी में ताज़ा है। पिछले हफ्ते भारत की साइबर एजेंसी सर्ट-इन ने चेताया था कि शोध और परीक्षण के लिए चलाए गए एआई एजेंट बिना अनुमति भारतीय संगठनों के सिस्टम में पहुंच गए थे।

मूल दस्तावेज़