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कटाई तेज होते ही पंजाब में पराली जलाने का इस सीज़न का सबसे बुरा दिन
एक ही दिन में पराली जलाने के 51 मामलों से राज्य में इस सीज़न का आंकड़ा 174 पहुंच गया, जो पिछले साल से आगे है। अमृतसर और तरनतारन फिर सबसे आगे रहे।

मुख्य बातें
- पंजाब में एक दिन में पराली जलाने के 51 मामले दर्ज हुए, जो इस सीज़न में सबसे ज़्यादा हैं।
- 13 अक्टूबर तक सीज़न का कुल आंकड़ा 174 पहुंचा, जो पिछले साल इसी समय से करीब 38% ज़्यादा है।
- ज़्यादातर मामले अमृतसर और तरनतारन में आए, जबकि बरनाला और बठिंडा में एक भी नहीं।
पंजाब में इस सीज़न में पराली जलाने का अब तक का सबसे बुरा दिन दर्ज हुआ है। एक ही दिन में खेतों में आग के 51 मामले सामने आए, और राज्य के उत्तरी ज़िलों में धान की कटाई ज़ोर पकड़ रही है।
इसके साथ 13 अक्टूबर तक सीज़न का कुल आंकड़ा 174 पहुंच गया, जो पिछले साल इसी समय की तुलना में करीब 38% ज़्यादा है। ज़्यादातर मामले अमृतसर और तरनतारन में आए, सीमा से लगे ये दोनों ज़िले पूरे सीज़न सूची में सबसे ऊपर रहे हैं। दक्षिणी मालवा के बरनाला और बठिंडा में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
पिछले साल से तेज़ शुरुआत
बढ़ोतरी तेज़ है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के पहले हफ़्ते तक राज्य में 84 मामले थे, जिनमें अकेले अमृतसर के 49 और तरनतारन के 18 थे। यानी एक हफ़्ते से थोड़े ज़्यादा समय में संख्या लगभग दोगुनी हो गई।
पिछले साल पंजाब में पूरे सीज़न में 5,114 मामले दर्ज हुए थे। यह 2024 से 53% कम था और हाल के वर्षों का सबसे कम आंकड़ा था।
प्रशासन ने रियल-टाइम निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाया है और जुर्माने भी लगाए जा चुके हैं। सीएक्यूएम ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक पंजाब के 18 ज़िलों में उड़न दस्ते तैनात किए हैं, जो ज़िला अधिकारियों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पराली प्रोटेक्शन फ़ोर्स के साथ काम करेंगे।
दिल्ली की नज़र क्यों है
इन आग का असर पंजाब से कहीं आगे तक जाता है। इस महीने की शुरुआत में दिल्ली की हवा साफ़ तौर पर बिगड़ी। 6 अक्टूबर को राजधानी का एक्यूआई 187 था और 15 निगरानी केंद्र “खराब” श्रेणी में थे। यह 2020 के बाद अक्टूबर की सबसे प्रदूषित शुरुआत थी। अब तक किसी आधिकारिक आकलन ने इस बढ़ोतरी को पराली से नहीं जोड़ा है, फ़िलहाल कमज़ोर हवा और सड़क व निर्माण की धूल मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तरनतारन में लगी आग का वीडियो साझा करते हुए इस मुद्दे पर पंजाब की आप सरकार को घेरा है।
तरनतारन में फिर से पराली जलनी शुरू हो गई है।
स्रोत: रेखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री, एक्स पर, 6 अक्टूबर 2026
धान की ज़्यादातर फ़सल अभी कटनी बाकी है। मंगलवार को राज्यों के मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक में केंद्र ने पिछले साल से बेहतर कर रहे राज्यों को ढील न देने की चेतावनी दी, और पंजाब के जिन ज़िलों में सख़्ती बढ़ाने को कहा उनमें संगरूर, तरनतारन, अमृतसर, पटियाला और गुरदासपुर शामिल हैं।
मूल दस्तावेज़
- Union Ministers Shivraj Singh Chouhan and Bhupender Yadav jointly review stubble management (Hindi release)PIB, Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, 13 अक्टूबर 2026