विज्ञान-तकनीकअंतरिक्ष
लैब में बने मस्तिष्क मॉडल और आख़िरी सोलर ऐरे लेकर स्पेसएक्स का ड्रैगन रवाना
सीआरएस-35 कार्गो कैप्सूल ने मंगलवार दोपहर भारतीय समय पर फ़्लोरिडा से उड़ान भरी। 2,860 किलो सामान और प्रयोगों के साथ यह गुरुवार शाम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचेगा।

मुख्य बातें
- फ़ैल्कन 9 ने मंगलवार शाम 4:03 बजे (भारतीय समय) उड़ान भरी और बूस्टर लॉन्च पैड के पास वापस उतरा।
- ड्रैगन के गुरुवार रात करीब 8:30 बजे (भारतीय समय) स्टेशन पहुँचने का कार्यक्रम है।
- सवार सामान में रोल-आउट सोलर ऐरे की आख़िरी जोड़ी और 40 से ज़्यादा वैज्ञानिक अध्ययन हैं।
स्पेसएक्स का ड्रैगन कार्गो कैप्सूल मंगलवार को फ़्लोरिडा से उड़ान भरने के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर बढ़ रहा है। इसमें 2,860 किलो सामान और वैज्ञानिक प्रयोग हैं, जिनमें लैब में बने इंसानी मस्तिष्क के मॉडल और स्टेशन के नए सोलर पैनलों का आख़िरी सेट शामिल है।
फ़ैल्कन 9 रॉकेट ने केप कैनावेरल स्पेस फ़ोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से स्थानीय समय सुबह 6:33 बजे, यानी भारतीय समय शाम 4:03 बजे, सीआरएस-35 मिशन लॉन्च किया। अपनी आठवीं उड़ान पर गया पहला चरण यानी बूस्टर आठ मिनट से भी कम समय में पैड के पास लैंडिंग ज़ोन 40 पर वापस उतर आया। ड्रैगन ऊपरी चरण से अलग होकर स्टेशन तक के दो दिन के सफ़र पर निकल पड़ा।
यह नासा के कमर्शियल रीसप्लाई सर्विसेज़ अनुबंध के तहत स्पेसएक्स की 35वीं कार्गो उड़ान है। कैप्सूल के गुरुवार को स्थानीय समय सुबह करीब 11 बजे, यानी भारतीय समय रात 8:30 बजे, पहुँचने और हार्मनी मॉड्यूल के अंतरिक्ष की ओर वाले पोर्ट से अपने आप जुड़ने का कार्यक्रम है। नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जोशुआ कुट्रिक इसके पास आने पर नज़र रखेंगे।
सवार क्या है
सबसे बड़ा सामान रेडवायर स्पेस के बनाए दो रोल-आउट सोलर ऐरे विंग हैं। स्टेशन के लिए यह चौथी और आख़िरी जोड़ी है। हर विंग 20 किलोवाट से ज़्यादा बिजली दे सकता है, और नासा इन्हें कई स्पेसवॉक में लगाने की योजना बना रहा है।
ड्रैगन 40 से ज़्यादा अध्ययनों के उपकरण भी ले जा रहा है। एक अध्ययन में लैब में बने इंसानी मस्तिष्क के छोटे मॉडल पाँच हफ़्ते अंतरिक्ष में रहेंगे। उनकी तुलना धरती पर रखे बिल्कुल वैसे ही मॉडलों से होगी, ताकि पता चले कि अंतरिक्ष में थोड़ा समय कोशिका के स्तर पर मस्तिष्क के ऊतकों पर क्या असर डालता है। एक और अध्ययन फफूँद से संक्रमित पौधों के ज़रिए परखेगा कि भारहीनता में फ़सलों के रोग ज़्यादा तेज़ी से फैलते हैं या नहीं।
एक छोटे माइक्रोप्लेट रीडर को आज़माया जाएगा, यह देखने के लिए कि क्या अंतरिक्ष यात्री स्टेशन पर ही अपने नमूनों में एंटीबॉडी और प्रोटीन माप सकते हैं। दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया पर लंबे समय से चल रहा अध्ययन जीईएआरएस अपनी चौथी और आख़िरी तय पारी के लिए लौट रहा है। इसमें क्रू सदस्य सतहों से नमूने लेकर देखेंगे कि सुपरबग कैसे टिकते और बदलते हैं।
कैप्सूल में कक्षा में कृत्रिम रेटिना बनाने का हार्डवेयर, दवाओं की जाँच के लिए 3डी हृदय ऊतक और एक नए तरह के काँच के बनने की प्रक्रिया समझने के नमूने भी हैं। नासा के स्टेशन कार्यक्रम कार्यालय की उप मुख्य वैज्ञानिक लिज़ वॉरेन ने कहा, “इस तरह के नए काँच धरती पर ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स को आगे बढ़ा सकते हैं।”
स्टेशन पर इंतज़ार
स्टेशन के सात सदस्यों वाले एक्सपेडिशन 75 क्रू ने लॉन्च का दिन रोज़मर्रा के वैज्ञानिक काम में बिताया। मेनन और कुट्रिक ने जापान के किबो मॉड्यूल में एक साइंस फ़्रीज़र साफ़ किया, और मेनन ने एक मेडिकल इमेजिंग उपकरण से साथी यात्रियों जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलनी की आँखों की जाँच की। कमांडर प्योत्र दुब्रोव और कॉस्मोनॉट आन्ना किकिना ने दूर से रोबोट चलाने वाले एक्सोस्केलेटन सूट का परीक्षण किया।
ड्रैगन करीब एक महीना स्टेशन पर रहेगा और फिर पूरे हो चुके प्रयोगों के साथ कैलिफ़ोर्निया के पास प्रशांत महासागर में उतरेगा। इस समय उड़ रहा यह अकेला कार्गो यान है जो सामान वापस धरती पर ला सकता है।
अपडेट 14 अक्टूबर 2026, सुबह 8:50 बजे: यह खबर पहली बार प्रकाशित होने के बाद अपडेट की गई।
मूल दस्तावेज़
- SpaceX Dragon Lifts Off for Thursday Cargo DeliveryNASA, 13 अक्टूबर 2026
- Dragon Launches New Cargo as Crew Works Biomedicine, Advanced Space TechNASA, 13 अक्टूबर 2026
- NASA's SpaceX CRS-35 Mission to Launch Health ResearchNASA, 12 अक्टूबर 2026