खेलटेनिस
चोटिल श्वियातेक को हराकर ख्वालिंस्का वुहान फाइनल में, सामने होंगी कार्टल
जांघ पर पट्टी बांधकर खेलीं इगा श्वियातेक बचपन की डबल्स जोड़ीदार से 7-5, 6-1 से हार गईं। छह महीने बाद लौटीं सोने कार्टल ने येलेना ओस्टापेंको को दो टाईब्रेक में हराकर रविवार के फाइनल में जगह बनाई।

मुख्य बातें
- माया ख्वालिंस्का ने इगा श्वियातेक को 7-5, 6-1 से हराया। श्वियातेक की जांघ में चोट के बाद उन्होंने आखिरी 11 में से 10 गेम जीते।
- दोनों सेट में 1-4 से पिछड़ने के बाद सोने कार्टल ने येलेना ओस्टापेंको को 7-6, 7-6 से हराया।
- रविवार का फाइनल दोनों खिलाड़ियों का पहला डब्ल्यूटीए 1000 फाइनल है और दोनों ने इस स्तर का कोई खिताब नहीं जीता है।
शनिवार को वुहान में इगा श्वियातेक का सफर जांघ पर बंधी पट्टी और थमे कदमों के साथ खत्म हुआ। उनकी हमवतन माया ख्वालिंस्का ने पहले सेट में दो सेट पॉइंट बचाए और सेमीफाइनल 7-5, 6-1 से जीतकर अपने पहले डब्ल्यूटीए 1000 फाइनल में पहुंच गईं।
रविवार को उनका सामना ब्रिटेन की सोने कार्टल से होगा। इस साल पीठ की चोट के कारण छह महीने बाहर रहीं कार्टल ने दोनों सेट में 1-4 से पिछड़ने के बाद येलेना ओस्टापेंको को 7-6, 7-6 से हराया। दोनों में से किसी ने अब तक इस स्तर का खिताब नहीं जीता है।
दर्द के बावजूद खेलती रहीं श्वियातेक
शुरुआत में श्वियातेक का दबदबा था। वे 5-3 से आगे थीं और नौवें गेम में उनके पास दो सेट पॉइंट थे। ख्वालिंस्का ने दोनों बचाए और 6-5 से आगे हो गईं, जिसके बाद श्वियातेक ने मेडिकल टाइमआउट लिया। लौटने पर साफ दिख रहा था कि उन्हें जोर लगाने और रिटर्न तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। ख्वालिंस्का ने आखिरी 11 में से 10 गेम जीते।
श्वियातेक ने बाद में बताया कि यह परेशानी पूरे हफ्ते से थी। उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट की शुरुआत से ही मुझे जांघ की मांसपेशी में कुछ दर्द महसूस हो रहा था।” पहले दौर के बाद उन्होंने हटने के बारे में सोचा था, लेकिन सेमीफाइनल बीच में छोड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मैं रिटायर नहीं होना चाहती थी, क्योंकि मैं चाहती थी कि माया सामान्य तरीके से जीतें।”
दोनों एक-दूसरे को 10 साल की उम्र से जानती हैं और जूनियर स्तर पर साथ डबल्स खेल चुकी हैं, लेकिन एक दशक में यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था। इस साल फ्रेंच ओपन की उपविजेता रहीं ख्वालिंस्का के लिए यह किसी टॉप-10 खिलाड़ी पर पहली जीत थी।
श्वियातेक के बारे में ख्वालिंस्का ने कहा, “वे एक महान चैंपियन हैं, जीती-जागती दिग्गज, उन्होंने सब कुछ जीता है। मैंने उन्हें हरा दिया, यह मेरे लिए सचमुच अविश्वसनीय है।”
कार्टल ने लहर की सवारी की
पहला सेमीफाइनल दो अलग शैलियों की टक्कर था। पूर्व फ्रेंच ओपन चैंपियन ओस्टापेंको हर गेंद पर बड़ा शॉट खेल रही थीं और दोनों सेट में 4-1 से आगे थीं, लेकिन उनकी 41 अनफोर्स्ड गलतियों ने कार्टल को बार-बार मौका दिया। पहला सेट जीतने के लिए सर्विस करते हुए उन्होंने लगातार दो डबल फॉल्ट किए, और कार्टल ने दोनों टाईब्रेक 11-9 और 7-5 से जीत लिए।
24 साल की कार्टल ने कहा, “कभी-कभी उन्हें खेलना नामुमकिन लगता है और कभी-कभी आपको बस लहर के साथ बहना होता है। मानसिक तौर पर मुझे लगता है कि यह मेरे करियर के सबसे अच्छे प्रदर्शनों में से एक है।”
चोट के दौरान कार्टल रैंकिंग में 170वें स्थान तक खिसक गई थीं और सितंबर में ही लौटी थीं। फाइनल तक के सफर में वे बेलिंडा बेंचिच, जैस्मीन पाओलिनी और एलिना स्वितोलिना को हरा चुकी हैं। रविवार को जीत उन्हें सबसे कम रैंकिंग वाली डब्ल्यूटीए 1000 चैंपियनों में शामिल कर देगी।
वुहान के बाहर असर
श्वियातेक की हार का एक असर तुरंत दिखा। इससे दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी स्वितोलिना सीजन के आखिर में होने वाले डब्ल्यूटीए फाइनल्स के लिए सातवीं क्वालिफायर बन गईं। अब एक ही जगह बाकी है।
रविवार का फाइनल कार्टल और ख्वालिंस्का के करियर का पहला आमना-सामना होगा।
मूल दस्तावेज़
- Chwalinska beats Swiatek in all-Polish semifinal to reach Wuhan finalWTA, 17 अक्टूबर 2026