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मोना अग्रवाल ने अवनि लेखरा को पछाड़कर जीता सोना, एशियाई पैरा खेलों में भारत का खाता खुला
आइची-नागोया में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 के फाइनल में मोना ने 250 अंक के खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता। लेखरा को रजत मिला और पदक मुकाबलों के पहले ही दिन भारत ने पहला और दूसरा स्थान अपने नाम किया।

मुख्य बातें
- मोना अग्रवाल ने 250 अंक के साथ स्वर्ण जीता, जो एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड है।
- अवनि लेखरा को 249.6 अंक के साथ रजत मिला, यही उनका हांगझोउ वाला रिकॉर्ड स्कोर था।
- क्वालीफिकेशन में मोना का 629.1 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 0.3 कम रहा।
मोना अग्रवाल ने सोमवार को एशियाई पैरा खेलों में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। आइची-नागोया में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 के फाइनल में उन्होंने अपनी ही टीम की साथी अवनि लेखरा को पीछे छोड़ा।
फाइनल की सातवीं सीरीज के बाद मोना के 250 अंक रहे, जो एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड है। लेखरा 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। यह वही स्कोर है जिससे उन्होंने 2023 में हांगझोउ में पिछला खेल रिकॉर्ड बनाया था। उद्घाटन समारोह के अगले दिन आए इन दो पदकों से प्रतियोगिता में भारत का खाता खुला।
फाइनल से पहले भी रिकॉर्ड
मोना ने क्वालीफिकेशन में ही अपनी लय दिखा दी थी। छह सीरीज में उन्होंने 629.1 अंक बनाए, जो एशियाई पैरा खेलों का नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड है। यह 629.4 के विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 0.3 अंक कम है, जो लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वादोविचोवा के नाम संयुक्त रूप से है। उन्होंने इस वर्ग की सबसे मजबूत निशानेबाजों में शुमार चीन की झांग कुइपिंग को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान लिया।
लेखरा 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और फाइनल में दोनों भारतीय बाकी निशानेबाजों से काफी आगे निकल गईं। आखिर में दोनों के बीच सिर्फ 0.4 अंक का फासला था।
इस नतीजे ने हांगझोउ की कहानी भी पलट दी, जहां लेखरा का 249.6 का स्कोर सबसे ऊपर था। तीन साल बाद वही स्कोर दूसरे स्थान के लिए ही काफी रहा, और उसे पीछे छोड़ने वाली भी एक भारतीय ही थीं।
पुरुषों में पदक से चूके
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में भारत दूसरे पदक के करीब पहुंचा। महावीर स्वरूप उन्हालकर 205.9 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे और फाइनल की पांचवीं सीरीज के बाद बाहर हुए। पहली बार एशियाई पैरा खेलों में उतरे राकेश निडागुंडी 141.5 अंक के साथ सातवें रहे।
दोनों ने क्वालीफिकेशन पार किया था, निडागुंडी 619.3 अंक के साथ सातवें और उन्हालकर 617.4 अंक के साथ आठवें स्थान पर रहे। तीसरे भारतीय अनंत कृष्णन 605.2 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे और फाइनल में नहीं पहुंच सके।
पहले दिन व्यस्त कार्यक्रम
168 खिलाड़ियों वाले भारतीय दल के लिए पहला दिन काफी व्यस्त रहा। तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड रैंकिंग राउंड में 704 अंक के व्यक्तिगत विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। जूडो खिलाड़ी कोकिला ने मौजूदा विश्व चैंपियन चीन की यी लियू को हराकर महिलाओं के जे2 -52 किग्रा फाइनल में जगह बनाई और कम से कम रजत पक्का किया।
खेलों के आने वाले दिनों में भारतीय निशानेबाज फिर रेंज पर उतरेंगे, और महिलाओं की एसएच1 जोड़ी ने पूरी टीम के लिए पैमाना तय कर दिया है।