खेलकुश्ती
अंडर-23 विश्व फ़ाइनल 13-12 से हारे विश्वजीत मोरे, ग्रीको-रोमन में भारत को पहला रजत
पिछले दो संस्करणों में कांस्य जीतने वाले 55 किलो वर्ग के पहलवान लास वेगास में आखिरी सेकंडों में जॉर्जिया के कोबा करुमिद्ज़े से हार गए।

मुख्य बातें
- विश्वजीत मोरे 55 किलो ग्रीको-रोमन फ़ाइनल में जॉर्जिया के कोबा करुमिद्ज़े से 12-13 से हारे।
- अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन फ़ाइनल तक पहुंचने वाले वे पहले भारतीय हैं।
- इस रजत से पहले मोरे 2024 और 2025 में कांस्य जीत चुके थे।
लास वेगास में अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में विश्वजीत मोरे विश्व खिताब से बस एक अंक दूर रह गए। 55 किलो ग्रीको-रोमन फ़ाइनल में वे जॉर्जिया के कोबा करुमिद्ज़े से 12-13 से हारे, और मुकाबले का फ़ैसला आखिरी सेकंडों में हुआ।
भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार तड़के मिला यह रजत इस चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक है और इस प्रतियोगिता में किसी भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन। मोरे अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन फ़ाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं।
यह लगातार आगे बढ़ने की कहानी भी है। मोरे ने 2024 में कांस्य जीता था और पिछले साल सर्बिया में 55 किलो वर्ग में फिर कांस्य हासिल किया।
लास वेगास में स्वर्ण पदक मुकाबले तक के सफ़र में उन्होंने क्वार्टर फ़ाइनल में ईरान के अंडर-20 विश्व चैंपियन शम्सीपुर को 8-1 से हराया।
अमेरिका में भारत की चुनौती मैट के बाहर ही कमज़ोर हो गई थी। ख़बरों के मुताबिक 2024 की अंडर-17 विश्व चैंपियन नेहा सांगवान समेत नौ भारतीय पहलवानों को इस प्रतियोगिता के लिए अमेरिकी वीज़ा नहीं मिला, इस आधार पर कि वे 20 साल से कम उम्र के हैं और उनके पास पूर्णकालिक नौकरी नहीं है।
चैंपियनशिप 18 अक्टूबर तक चलेगी।