राज्यआंध्र प्रदेश
आंध्र में निकाय चुनाव के नामांकन के पहले दिन पुंगनूर और रायचोटी में हिंसा
वाईएसआरसीपी सांसद मिधुन रेड्डी का काफिला नामांकन केंद्र पहुंचा तो एसयूवी पलट दी गईं, और रायचोटी में कारें फूंक दी गईं। टीडीपी और वाईएसआरसीपी एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, जबकि पुलिस सांसद के दावे से असहमत है।

मुख्य बातें
- नामांकन के पहले दिन अन्नामय्या ज़िले के पुंगनूर और रायचोटी में झड़पें हुईं।
- वाईएसआरसीपी का आरोप है कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने राजमपेट सांसद पी.वी. मिधुन रेड्डी के काफिले पर हमला किया; पुलिस का कहना है कि यह सांसद पर हमला नहीं था।
- टीडीपी प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि ऐसी दबंगई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के नामांकन का पहला दिन शुक्रवार को हिंसा की भेंट चढ़ गया। अन्नामय्या ज़िले के दो कस्बों में गाड़ियां पलटी और जलाई गईं, और सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) व विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने इसके लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया।
सबसे ज़्यादा तनाव पुंगनूर में रहा, जहां राजमपेट से सांसद और लोकसभा में वाईएसआरसीपी के नेता पी.वी. मिधुन रेड्डी अपनी पार्टी के नगर पालिका अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवारों के साथ नामांकन कराने पहुंचे थे। कस्बे के वीडियो में चार एसयूवी उलटी पड़ी दिखीं, जिनके शीशे टूटे थे, और कुछ कारें जली हुई थीं।
पुंगनूर की दो कहानियां
वाईएसआरसीपी ने बयान जारी कर कहा कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने काफिला रोका, उम्मीदवारों को नामांकन केंद्र तक पहुंचने नहीं दिया और पत्थरों, लाठियों व लोहे की छड़ों से गाड़ियों पर हमला किया, जबकि पुलिस देखती रही। पार्टी के मुताबिक रेड्डी के साथ चल रहे एक सुरक्षा गार्ड के सिर में चोट आई। खबरों के मुताबिक सांसद को भी चोट लगी, और टीडीपी कार्यकर्ताओं के ज़बरन अंदर घुसने के बाद पुलिस उन्हें नामांकन केंद्र के एक कमरे में ले गई।
पुलिस की कहानी अलग है। मदनपल्ले के डीएसपी बी. प्रसाद ने कहा कि रेड्डी 10 से ज़्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे, जिनमें ज़्यादातर एसयूवी थीं, और प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही हंगामा हुआ। उन्होंने कहा, “यह सांसद (रेड्डी) पर हमला नहीं था।” कई लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी हैं।
टीडीपी ने आरोप उलट दिया। पार्टी ने एक्स पर लिखा, “पुंगनूर में सांसद मिथुन रेड्डी और उनके समर्थकों ने टीडीपी नेता मधु रॉयल पर हमला किया।” पार्टी ने यह भी कहा कि काफिले के “गुंडे” नशे में लग रहे थे। टीडीपी के नगर अध्यक्ष मधु रॉयल भी घायलों में बताए गए हैं।
रेड्डी के पिता और पूर्व मंत्री पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने बेटे की सुरक्षा के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया।
रायचोटी में आगज़नी
पुंगनूर की झड़प के बाद रायचोटी में वाईएसआरसीपी दफ्तर के पास खड़ी कारों में आग लगा दी गई। खबरों के मुताबिक कस्बे की एसएन कॉलोनी में दोनों दलों के समर्थक पत्थरों और लाठियों से भिड़े, जहां पुलिस की एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई और एक सिपाही घायल हुआ।
तिरुपति में भी तनाव दिखा, जहां टीडीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी महिला उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने गए। धर्मावरम में नगर पालिका दफ्तर के पास भाजपा और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं की बहस को पुलिस ने शांत कराया।
दोनों दलों की मांग
टीडीपी प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि रेड्डी और उनके साथियों की दबंगई “बर्दाश्त नहीं की जाएगी” और ज़िम्मेदार लोगों से “कानून के मुताबिक निपटा जाना चाहिए”।
वाईएसआरसीपी ने राज्य चुनाव आयोग से दखल देने, आपराधिक मामले दर्ज करने, दोषियों को गिरफ्तार करने, हिंसा न रोक पाने वाले अफसरों पर कार्रवाई करने और उम्मीदवारों व प्रस्तावकों को सुरक्षा देने की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित नामांकन कर सकें। शुक्रवार शाम तक किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं थी।
ये चुनाव 100 से ज़्यादा शहरी और ग्रामीण निकायों में हो रहे हैं। इसी महीने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने निकायों में राज्य का पिछड़ा वर्ग आरक्षण रद्द कर छह हफ्ते में चुनाव कराने का आदेश दिया था।