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बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार से दूसरा सिस्टम, तमिलनाडु में 26 अक्टूबर तक भारी बारिश के आसार

बुधवार को तमिलनाडु तट के पास नया कम दबाव का क्षेत्र बना। 23 अक्टूबर से एक और सिस्टम बनने की उम्मीद है जो चक्रवात में बदल सकता है, और ओडिशा व आंध्र प्रदेश इसकी दिशा पर नजर रखे हुए हैं।

संपादकीय डेस्क से · चेन्नईप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. बुधवार को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बना।
  2. करीब 23 अक्टूबर को बनने वाले दूसरे सिस्टम के चक्रवात में बदलने की आशंका है।
  3. कावेरी डेल्टा समेत तमिलनाडु में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

तमिलनाडु में अभी कई दिन और भारी बारिश होगी। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र पहले से बना हुआ है और शुक्रवार से दूसरा बनने की उम्मीद है, जिसके बारे में मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह चक्रवात में बदल सकता है।

बुधवार को तमिलनाडु तट से दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बना। करीब 23 अक्टूबर को एक और सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके चक्रवात में तब्दील होने की आशंका है। पूरे राज्य में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें कावेरी डेल्टा के वे जिले भी शामिल हैं जहां राज्य का बड़ा हिस्सा धान उगाया जाता है।

चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कडलूर, विल्लुपुरम, तंजावुर, तिरुवारूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुरै और रामनाथपुरम के अलावा पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। सुदूर दक्षिण में तिरुनेलवेली और थूथुकुडी में बुधवार और गुरुवार के लिए 20 सेमी तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया।

चेन्नई के लिए भीगा हफ्ता

सप्ताहांत से चेन्नई और आसपास के जिले पूर्वोत्तर मानसून के पहले भारी दौर की चपेट में हैं। बुधवार को चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम में स्कूल बंद रहे, और आगे की छुट्टियों पर फैसला बारिश के हिसाब से जिला कलेक्टर करेंगे।

तमिलनाडु सरकार के अल नीनो विशेषज्ञ समूह के सदस्य प्रदीप जॉन ने कहा कि अगला दौर आने से पहले दिन में शहर को कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने बुधवार को कहा, “दिन में चेन्नई में बारिश कम होने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, “रात और सुबह-सुबह मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।”

राज्य सरकार ने आपदा तंत्र को अलर्ट पर रखा है और जिलों में एहतियाती कदम उठाने का आदेश दिया है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन का कहना है कि उसने मानसून से पहले अपने 15 जोन में 4,691 गड्ढे भरे हैं।

ओडिशा और आंध्र की नजर

दूसरे सिस्टम पर तट के ऊपरी हिस्से में भी कड़ी नजर है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के अनुसार 23 अक्टूबर के आसपास बना कम दबाव करीब 27 अक्टूबर तक अवदाब (डिप्रेशन) बन सकता है और मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है। महीने के आखिर तक उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के बीच चक्रवात के तट पार करने की संभावना भी जताई गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अभी तक चक्रवात का पूर्वानुमान नहीं दिया है, और किसी भी सिस्टम की दिशा और ताकत अभी अनिश्चित है। अगले तीन दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश और राज्य के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश व गरज के साथ बौछारों की उम्मीद है।

गुरुवार को आने वाले आईएमडी के अगले बुलेटिन से पता चलेगा कि पहला कम दबाव कितना गहरा हुआ है और दूसरा कितनी तेजी से बन रहा है।