राज्यओडिशा
भुवनेश्वर में पूजा पंडालों पर बचाव दल तैनात, 22 अक्टूबर के विसर्जन के लिए तीन स्थल तैयार
कोलकाता की भगदड़ को देखते हुए शहर की पुलिस ने करीब 200 पंडालों को भीड़ के हिसाब से बांटा है और भीड़ के दबाव से निपटने में प्रशिक्षित आठ बचाव दल तैनात किए हैं।

मुख्य बातें
- भुवनेश्वर पुलिस ने करीब 200 स्वीकृत पंडालों को भीड़ और आकार के आधार पर श्रेणियों में बांटा है।
- भीड़ के दबाव से निपटने में प्रशिक्षित आठ विशेष बचाव दल तैयार हैं।
- विसर्जन और रावण पोड़ी 22 अक्टूबर को तीन विसर्जन स्थलों पर होगा।
भुवनेश्वर पुलिस ने शहर के दुर्गा पूजा पंडालों को भीड़ के आकार के हिसाब से बांटा है और सबसे भीड़ वाले पंडालों के पास प्रशिक्षित बचाव दल तैनात किए हैं। कोलकाता में जानलेवा भगदड़ के दो दिन बाद ओडिशा की राजधानी त्योहार की सबसे बड़ी रातों की तैयारी कर रही है।
पुलिस उपायुक्त सरवण विवेक एम ने बताया कि करीब 200 स्वीकृत पंडालों को श्रद्धालुओं की संख्या और मंडप के आकार के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में रखा गया है। आधी रात तक, और कुछ जगहों पर रात 2 बजे तक भीड़ रहने की उम्मीद है।
ओडिशा अग्निशमन सेवा और होमगार्ड के साथ मिलकर बनाई गई आठ विशेष बचाव इकाइयां अहम जगहों पर तैनात हैं। अधिकारी ने बताया कि हर इकाई में चार लोग हैं, जिन्हें जीवन रक्षा, लोगों को निकालने और भीड़ के दबाव से निपटने का प्रशिक्षण मिला है। सादी वर्दी में पुलिसकर्मी झपटमारों पर नजर रख रहे हैं और पूजा समितियों से स्वयंसेवक देने को कहा गया है।
उत्तर कोलकाता के चोरबागान पंडाल में हुई भगदड़, जिसमें 19 लोगों की जान गई, के बाद पूर्वी भारत के कई शहर भीड़ प्रबंधन पर नए सिरे से सोच रहे हैं।
सड़कों पर भारी वाहनों को उपनगरीय रास्तों और बाईपास से मोड़ा जा रहा है ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात चलता रहे। एक जगह, जहां छह लेन की सड़क चार लेन के पुलों में सिमट जाती है, पर खास नजर है। फ्लाईओवरों पर भी पुलिस तैनात की गई है, जहां लोग सेल्फी लेने या रील बनाने रुक जाते हैं। पंडालों के पास या नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है।
मूर्तियों का विसर्जन और रावण पोड़ी यानी रावण दहन 22 अक्टूबर को होगा। भुवनेश्वर नगर निगम के साथ मिलकर पुलिस ने अस्थायी तालाबों वाले तीन विसर्जन स्थल तैयार किए हैं, जहां क्रेन लगाई जाएंगी और रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।