राज्यमध्य प्रदेश
ग्वालियर मंदिर हादसे में मृतकों की संख्या 15 हुई, मोहन यादव और सिंधिया पीड़ित परिवारों से मिले
मुख्यमंत्री ने रविवार को शीतला माता मंदिर के बाहर हुए हादसे के हर जिम्मेदार पर कार्रवाई का वादा किया और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है।

मुख्य बातें
- शीतला माता मंदिर ट्रक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार को परिवारों से मिले।
- यादव ने कहा कि सभी जिम्मेदार लोगों पर आगे और कार्रवाई होगी।
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के बाहर धान से लदे ट्रक के श्रद्धालुओं को कुचलने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को शहर पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों से मिले।
यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक-एक घर गए, मृतकों के चित्रों पर फूल चढ़ाए और परिजनों के पास बैठे। कई घायलों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यादव ने कहा, “दुख की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है।” उन्होंने कहा, “हम पूरी घटना की जांच करा रहे हैं, और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर आगे कार्रवाई होगी।”
रविवार तड़के करीब 1:30 बजे छिनौर की ओर से तीखी ढलान पर उतरता ट्रक बैरिकेड और एक पुलिस चौकी तोड़ता हुआ नवरात्रि में मंदिर के बाहर कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया और मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकराया।
कुछ ही घंटों में मुख्यमंत्री ने ग्वालियर के सिटी पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) को पद से हटा दिया और लापरवाही के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उन्होंने सोमवार को कहा, “जहां भी प्रथम दृष्टया लापरवाही मिली, वहां हमने कार्रवाई की है।” मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और राकेश सिंह रविवार को परिवारों और अस्पताल पहुंचे थे।
राज्य सरकार ने हर मृतक के परिवार को ₹4 लाख देने की घोषणा की है, और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ₹2 लाख अलग से मिलेंगे। ड्राइवर और ट्रक मालिक के रविवार को गिरफ्तार होने की खबर है।
यादव ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऐसा हादसा दोबारा नहीं होगा।” उनके आदेश पर हो रही विस्तृत जांच यह देखेगी कि भारी वाहनों के लिए बंद गली में लदा हुआ ट्रक कैसे पहुंच गया।