राज्यझारखंड
झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से निकाला
इस साल यह दूसरी बार है जब पार्टी ने उन्हें बाहर किया है। मार्च का निष्कासन वापस ले लिया गया था, इस बार कार्रवाई सितंबर के नोटिस के बाद हुई है।

मुख्य बातें
- योगेंद्र साव को तीन साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है।
- फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने लिया।
- पार्टी का कहना है कि साव ने गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को बार-बार पार्टी अनुशासन तोड़ने के आरोप में तीन साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। सात महीने में यह दूसरी बार है जब पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
यह फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने लिया और मंगलवार को पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इसकी जानकारी दी।
सिन्हा ने कहा कि साव मीडिया के जरिए गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे थे। कांग्रेस झारखंड के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, और पार्टी ने इन हमलों को अनुशासनहीनता माना।
पहले नोटिस, फिर निष्कासन
साव को मार्च में भी तीन साल के लिए निकाला गया था। तब कार्रवाई एक फेसबुक लाइव में सरकार के खिलाफ टिप्पणियों के बाद हुई थी। बाद में वह फैसला वापस ले लिया गया।
20 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने, जिसके अध्यक्ष रामेश्वर उरांव हैं, कथित अनुशासनहीनता के लिए उन्हें नया नोटिस दिया। इसमें उनसे तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने, खुद पेश होने और यह बताने को कहा गया था कि पार्टी संविधान के तहत उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए। सिन्हा ने कहा कि निष्कासन उसी नोटिस के बाद हुआ है।
मंगलवार के फैसले पर साव की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।