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झोटा हत्याकांड: आरोपी केमिस्ट सात दिन की पुलिस रिमांड पर, पत्नी और एक साथी भी गिरफ्तार

मानसा गोलीकांड में अश्विनी कुमार से अब एक हफ्ते पूछताछ होगी। कार्यकर्ता का परिवार अब भी अंतिम संस्कार से इनकार कर रहा है, और भगवंत मान आज फिल्लौर में ज़िलों के पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे।

संपादकीय डेस्क से · मानसाप्रकाशित
कांग्रेस नेता सचिन पायलट (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता सचिन पायलट (फ़ाइल फ़ोटो)World Economic Forum from Cologny, Switzerland / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. मानसा की एक अदालत ने गुरुवार को केमिस्ट अश्विनी कुमार और उसके एक साथी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
  2. पुलिस ने उसकी पत्नी नीलम रानी, जिसके नाम पर दवा दुकान का लाइसेंस था, और एक दूसरे साथी को गिरफ्तार किया।
  3. मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को फिल्लौर में नशा-विरोधी अभियान की समीक्षा करेंगे।

नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के आरोपी केमिस्ट को गुरुवार को एक हफ्ते की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पंजाब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाकर उसकी पत्नी और दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि कार्यकर्ता का परिवार अंतिम संस्कार न करने पर अड़ा है।

अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मानसा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने अश्विनी की पत्नी नीलम रानी और एक अन्य साथी लाडी को भी गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस मेडिकल स्टोर में झोटा को गोली मारी गई, उसका लाइसेंस नीलम रानी के नाम पर था।

झोटा की मंगलवार सुबह मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार में उसी स्टोर के अंदर हत्या कर दी गई थी। वे उस वक्त फेसबुक लाइव कर रहे थे और उन्होंने अश्विनी से एक बुज़ुर्ग को नशीली दवाएं बेचने पर सवाल किया था। अश्विनी ने अपना फोन बंद कर दिया और साथियों की मदद से भाग निकला, बाद में उसे राजस्थान के सालासर में पकड़ा गया।

कॉल, लाइसेंस और गायब पिस्तौल

मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने बताया कि अश्विनी ने एक कॉल अपने चाचा को और चार कॉल अपने बेटे को की थीं, और इन कॉलों की जांच हो रही है। अश्विनी पर पहले से कम से कम पांच एफआईआर दर्ज हैं, और पुलिस यह भी देख रही है कि उसे हथियार का लाइसेंस कैसे मिला। पुलिस अभी तक पिस्तौल बरामद नहीं कर पाई है।

चौधरी ने कहा, “उसने हथियार किससे लिया और उसका आर्म्स लाइसेंस कैसे मंज़ूर हुआ, इन सब बातों की जांच की जाएगी।”

झोटा के पिता, पूर्व सैनिक भीम सिंह की शिकायत पर सिटी-2 थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक साज़िश और खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने से जुड़ी धाराएं और आर्म्स एक्ट लगाया गया है। थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर बेअंत कौर को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।

अंतिम संस्कार से इनकार

झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा है। परिवार ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। एक संयुक्त संघर्ष समिति मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव का इस्तीफा, सीबीआई जांच, और कई स्थानीय अधिकारियों व एक ड्रग इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी की मांग कर रही है।

हत्या के विरोध में गुरुवार के बंद को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भाजपा, अकाली दल (वारिस पंजाब दे), संयुक्त किसान मोर्चा और सरकारी कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। कई ज़िलों में सड़कें और बाज़ार सूने रहे।

मानसा में बुधवार को अश्विनी की दुकान गिराए जाने पर राय बंटी हुई है। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि ढहाने की कार्रवाई सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके हुई और यह राज्य के “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान का हिस्सा है। शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस कार्रवाई को “बहुत देर से और बहुत कम” और “सिर्फ दिखावा” बताया, और पूछा कि वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ परिवार से मुलाकात की।

विपक्ष का हमला तेज़

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मान से पूछा कि पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ने वालों की हिफाज़त कौन करेगा। उन्होंने झोटा की हत्या और संगरूर के दो मामलों का ज़िक्र किया और कहा कि नशे का कारोबार खत्म होने तक कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी।

पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि नशा खाने से भी जल्दी मिल जाता है। उन्होंने कहा, “एक कॉल करो और ‘चिट्टा’ घर पर और भी जल्दी पहुंच जाता है।” उन्होंने आप सरकार पर सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर नशा खत्म करने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। सरकार विपक्ष की आलोचना को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करती रही है।

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। शुक्रवार को मान फिल्लौर की पंजाब पुलिस अकादमी में ज़िलों के पुलिस प्रमुखों, उपमंडल मजिस्ट्रेटों और पुलिस उपाधीक्षकों की बैठक में अपनी सरकार के नशा-विरोधी अभियान की समीक्षा करेंगे। यह बैठक झोटा की हत्या से पहले ही तय हो गई थी।