राज्यपश्चिम बंगाल
चोरबागान भगदड़: पूजा समिति के सचिव समेत सात गिरफ्तार, जज की अगुवाई में जांच
उत्तर कोलकाता के पंडाल में 19 लोगों की जान लेने वाली भगदड़ पर पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जांच के नतीजे सार्वजनिक होंगे।

मुख्य बातें
- पुलिस ने चोरबागान पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया।
- जांच दल की अगुवाई कलकत्ता हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज करेंगे, मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी के बाद।
- 19 मृतकों के परिवारों को राज्य से ₹25 लाख और सरकारी नौकरी मिलेगी।
कोलकाता पुलिस ने शनिवार शाम चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पूजा समिति के दो पदाधिकारी शामिल हैं। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी।
गिरफ्तार लोगों में समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बांस का ढांचा बनाने वाले बिप्लब मुखर्जी, भीड़ संभाल रहे कौशिक साहा और पिंटू डे, तथा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल हैं। पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी से पहले रात में 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
भगदड़ शनिवार, महासप्तमी के दिन, शाम करीब 7:40 बजे शुरू हुई, जब गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के इस पंडाल के बाहर बड़ी भीड़ पर बारिश होने लगी। करीब 25 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री के मुताबिक रविवार को दो घायल आईसीयू में थे और बाकी को छुट्टी दी जा रही थी।
भगदड़ कैसे मची
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि आयोजकों के लाउडस्पीकर पर हुई एक घोषणा से भीड़ अचानक आगे बढ़ी होगी। सुरक्षा गार्डों की सीटियों से भी घबराहट फैलने का आरोप है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बारिश शुरू होते ही बाहर इंतजार कर रहे लोग आगे दौड़े और कुछ सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने संकरे गेट और कम रोशनी की बात कही। रविवार को फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल की जांच की और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
रात अस्पताल में बिताने वाले अधिकारी ने कहा कि जिम्मेदार पाए गए किसी को नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे वह समिति सदस्य हों, होमगार्ड, पुलिस या निजी सुरक्षाकर्मी। उन्होंने कहा, “किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आयोजकों को कम रोशनी वाले थीम पंडालों के खिलाफ भी चेताया।
जांच
राज्य सरकार कलकत्ता हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) के एक मौजूदा जज की अगुवाई में विशेष जांच दल चाहती है, जिसमें एसटीएफ और सीआईडी के अधिकारी होंगे। मुख्य सचिव इसके लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुमति मांगेंगे। अधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के करीब छह हफ्ते के भीतर नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे।
मृतकों में 18 पश्चिम बंगाल के थे। हर मृतक के परिवार को ₹25 लाख और एक सरकारी नौकरी, तथा घायलों को ₹5 लाख मिलेंगे; इलाज का खर्च राज्य उठाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर मृतक के परिजनों को ₹2 लाख देने की घोषणा की है। सरकार ने पंडालों के वीआईपी पास बेचने की प्रथा भी बंद कर दी है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा कि पुलिस, एंबुलेंस और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम नाकाफी थे और जवाबदेही तय होनी चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में अपने कार्यक्रम टाल दिए। परिवारों के लिए राज्य की हेल्पलाइन 1800-345-5678 है।