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सम्राट चौधरी ने पटना में कंट्रोलएस डेटा सेंटर का उद्घाटन किया, आईटी और एआई निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में यह केंद्र खोला। कंपनी ने 2024 में इसे ₹400 करोड़ के 10 मेगावाट एज डेटा सेंटर के रूप में घोषित किया था।

संपादकीय डेस्क से · पटनाप्रकाशित
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (फ़ाइल फ़ोटो)
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Samratudhd / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना में कंट्रोलएस डेटा सेंटर का उद्घाटन किया।
  2. कंट्रोलएस ने 2024 में इस परियोजना को 10 मेगावाट और 1,000 रैक वाले, करीब ₹400 करोड़ के केंद्र के रूप में घोषित किया था।
  3. राज्य के उद्योग विभाग का कंपनी के साथ ₹10,000 करोड़ का एमओयू है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में कंट्रोलएस डेटासेंटर्स के बनाए डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश आएगा।

चौधरी ने उद्घाटन के मौके पर कंट्रोलएस के संस्थापक श्रीधर पिन्नापुरेड्डी और उनकी टीम को बधाई दी। राज्य के उद्योग विभाग ने कंपनी के साथ ₹10,000 करोड़ का समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।

कंट्रोलएस ने अगस्त 2024 में पटना परियोजना की घोषणा की थी। तब इसे 10 मेगावाट आईटी लोड और करीब 1,000 रैक वाले ग्रीनफील्ड एज डेटा सेंटर के रूप में बताया गया था, जिस पर करीब ₹400 करोड़ का निवेश होना था। जमीन बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के जरिए ली गई थी, जो कंपनी की पटना की मौजूदा सुविधा के पास है।

परियोजना की घोषणा के समय पिन्नापुरेड्डी ने कहा था, “हम अपने भविष्य के लिए तैयार डेटा सेंटरों के जरिए बिहार में एक मजबूत आईटी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

एज डेटा सेंटर अपेक्षाकृत छोटा केंद्र होता है, जो अपने इस्तेमाल करने वाले लोगों और कारोबारों के नजदीक बनाया जाता है, ताकि ऑनलाइन सेवाओं में देरी कम हो। 2024 की घोषणा में कहा गया था कि परियोजना से राज्य में रोजगार बनेंगे, लेकिन कोई संख्या नहीं बताई गई थी।

चौधरी के लिए यह उद्घाटन बिहार में तकनीकी निवेश लाने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने इस केंद्र को आईटी और एआई निवेश के लिए बढ़ावा बताया, और एमओयू की रकम पटना की पहली परियोजना के मुकाबले कंपनी की कहीं बड़ी प्रतिबद्धता का संकेत देती है।