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तमिलनाडु केंद्र की 125 दिन की गारंटी के बाद 25 दिन का अतिरिक्त ग्रामीण काम अपने खर्च पर देगा

मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 'वेत्री 150' नाम के नए मद में ₹100 करोड़ रखे हैं, ताकि ग्रामीण परिवारों को साल में 150 दिन तक मजदूरी वाला काम मिल सके।

संपादकीय डेस्क से · चेन्नईप्रकाशित
चेन्नई में तमिलनाडु सरकार का मुख्यालय फोर्ट सेंट जॉर्ज (फ़ाइल फ़ोटो)
चेन्नई में तमिलनाडु सरकार का मुख्यालय फोर्ट सेंट जॉर्ज (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: N. Vivekananthamoorthy / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

मुख्य बातें

  1. वीबी-जी राम जी में 125 दिन पूरे करने वाले परिवारों को 25 दिन और काम राज्य के पैसे से मिलेगा।
  2. राज्य ने 'वेत्री 150' नाम के नए मद में ₹100 करोड़ रखे हैं।
  3. महिला मुखिया वाले परिवारों, एससी-एसटी परिवारों और दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।

तमिलनाडु सरकार उन ग्रामीण परिवारों को अपने खजाने से 25 दिन का अतिरिक्त काम देगी, जो केंद्र की वीबी-जी राम जी योजना के तहत गारंटी वाले 125 दिन पूरे कर लेते हैं। इससे एक साल में कुल 150 दिन तक काम मिल सकेगा।

राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के निर्देश पर यह आदेश जारी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साल में 150 दिन तक सहायता देने को कहा था। सरकार ने 2026-27 के संशोधित बजट अनुमान से ₹100 करोड़ अलग रखे हैं, जिन्हें “वेत्री 150” नाम के नए मद में दर्ज किया गया है। यह नाम सत्ताधारी पार्टी के नाम की याद दिलाता है।

प्राथमिकता महिला मुखिया वाले परिवारों, अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के लाभार्थियों को मिलेगी। विभाग के आयुक्त को चेन्नई को छोड़कर सभी जिलों में राशि जारी करने का अधिकार दिया गया है।

वीबी-जी राम जी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 के रद्द होने के बाद उसकी जगह लाई गई। तमिलनाडु में यह 1 जुलाई 2026 से लागू हुई, जिसमें 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी है।

कितने परिवारों को इसका फायदा मिलेगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि इस साल कितने परिवार 125 दिन पूरे करते हैं। सरकार ने अभी यह आंकड़ा जारी नहीं किया है।