दुनियापश्चिम एशिया
अरामको ने दहरान मुख्यालय खाली कराया, रियाद और मदीना के ऊपर ड्रोन मार गिराए गए
सऊदी अरामको ने गुरुवार को कर्मचारियों से मुख्यालय छोड़कर घर से काम करने को कहा। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। उधर हूती विद्रोहियों ने यानबू के तेल ठिकानों और रियाद में रक्षा मंत्रालय पर हमले का दावा किया।

मुख्य बातें
- सऊदी अरामको ने कर्मचारियों को दहरान मुख्यालय खाली कर घर से काम करने का आदेश दिया।
- सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक रियाद और मदीना के ऊपर चार ड्रोन नष्ट किए गए, इससे पहले पूर्वी प्रांत में चार और गिराए गए थे।
- बुधवार को दम्माम हवाई अड्डे पर हूती हमले में मारे गए दो लोगों में एक भारतीय नागरिक भी था।
सऊदी अरामको ने गुरुवार को दहरान स्थित अपने मुख्यालय से कर्मचारियों को बाहर निकलने और घर से काम करने का आदेश दिया। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब सरकारी तेल कंपनी ने अपना मुख्य दफ्तर खाली कराया है। आदेश की जानकारी रखने वाले छह लोगों ने बताया कि कंपनी ने इसकी कोई वजह नहीं बताई। अरामको ने कोई टिप्पणी नहीं की।
यह आदेश ऐसे दिन आया जब पूरे सऊदी अरब पर हूतियों के नए हमले हुए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि रियाद और मदीना के ऊपर चार ड्रोन निशाने तक पहुंचने से पहले नष्ट कर दिए गए। इससे पहले दिन में पूर्वी प्रांत के ऊपर चार और ड्रोन गिराए गए थे। दहरान इसी प्रांत में है।
हूतियों का दावा
यमन के हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने टीवी पर जारी बयान में कहा कि पिछले 48 घंटों में संगठन ने लाल सागर के बंदरगाह यानबू में अरामको के ठिकानों और रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय की इमारत पर हमला किया। उन्होंने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमलों का भी दावा किया। सऊदी अधिकारियों ने यानबू या रियाद पर हमलों की पुष्टि नहीं की।
सारी ने कहा कि ये हमले यमन में सऊदी सैन्य कार्रवाई का जवाब हैं। उन्होंने चेताया कि अगर यमनी कबीलों को निशाना बनाया गया तो सऊदी अरब को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। उनके मुताबिक जब तक यमन पर हमले बंद नहीं होते और नाकेबंदी नहीं हटती, संगठन अपना अभियान जारी रखेगा। उन्होंने दावा किया कि जुलाई के मध्य से सऊदी हमलों में यमन में 562 लोग मारे गए या घायल हुए। गठबंधन ने कहा है कि वह “सख्ती से” जवाब देगा।
इसी महीने की शुरुआत में हूती हमले से दहरान के इसी मुख्यालय की कई मंज़िलों में आग लग गई थी।
हताहतों में भारतीय भी
बुधवार शाम दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में दो लोग मारे गए, एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय नागरिक, और आठ घायल हुए। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक घायलों में दो भारतीय, दो यमनी, दो बांग्लादेशी, एक सऊदी और एक नेपाली शामिल हैं। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने गुरुवार को कहा कि दम्माम में उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं और यातायात सामान्य है।
अलग से, ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि मार गिराए गए एक ड्रोन का मलबा शायबा तेल क्षेत्र में अरामको की एक रिफाइनरी के पास गिरा। इसमें एक फिलिपीनी और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई और एक भारतीय समेत दो लोग घायल हुए। मंत्रालय ने कहा कि घटना संयंत्र की सीमा के बाहर हुई और कामकाज पर असर नहीं पड़ा।
सारी ने यह भी दावा किया कि बाब अल-मंदेब के पास जबल ज़ुक़र द्वीप के करीब हमले का शिकार हुई एक नाव पर सवार 14 भारतीयों को हूती बचा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए सऊदी अरब को ज़िम्मेदार ठहराया। रियाद ने इस दावे पर कोई जवाब नहीं दिया।
बाज़ारों में बेचैनी
सऊदी अरब का प्रमुख सूचकांक टीएएसआई गुरुवार को 2.5% गिरा। ब्रेंट कच्चा तेल 3 डॉलर से ज़्यादा चढ़कर लंदन में दोपहर तक 111.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले यह 112.55 डॉलर तक गया, जो 18 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच लड़ाई जुलाई में फिर शुरू हुई थी, जिससे 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम खत्म हो गया। बुधवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में अपने मिशनों से कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को लौटने का आदेश दिया।