दुनियापश्चिम एशिया
सना के तेल ठिकाने पर सऊदी गठबंधन के हमले के कुछ घंटे बाद हूती हमला, दहरान में अरामको की इमारत निशाने पर
सऊदी अरब के मुताबिक अरामको के दफ्तर में छोटी आग लगी, कोई घायल नहीं हुआ। गठबंधन का कहना है कि वह उत्तरी यमन में हूतियों के ईंधन डिपो और ऊर्जा टर्मिनलों को निशाना बना रहा है।

मुख्य बातें
- सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक हूती हमले से दहरान में अरामको की एक इमारत में छोटी आग लगी, कोई घायल नहीं हुआ।
- सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी के लिए पहली बार खाली करने का आदेश देकर सना के अल-सबाह सेंट्रल ऑयल स्टेशन पर हमला किया।
- रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 17 अक्टूबर की आधी रात तक बंद रहेगा।
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दहरान में अरामको की एक प्रशासनिक इमारत पर हमला किया। यह हमला सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के सना में एक तेल ठिकाने पर बमबारी के कुछ घंटे बाद हुआ। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब के तेल उत्पादक पूर्वी प्रांत में इस इमारत में छोटी आग लगी, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
अरामको के दफ्तर पर हमले से पहले हूतियों ने सऊदी तेल ठिकानों को “वैध निशाना” घोषित किया था। उन्होंने कर्मचारियों और आसपास रहने वालों से दहरान में अरामको मुख्यालय, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और राजधानी में अरामको से जुड़ी एक रिफाइनरी को खाली करने को कहा था।
सना का तेल स्टेशन निशाने पर
सिलसिला तब शुरू हुआ जब युद्ध दोबारा भड़कने के बाद गठबंधन ने पहली बार सना के लिए खाली करने का आदेश जारी किया। इसमें यमनी ऑयल कंपनी के अल-सबाह सेंट्रल स्टेशन का नाम था। कुछ ही देर बाद शहर में धमाके सुनाई दिए और हूती नियंत्रित मीडिया ने कहा कि तेल कंपनी के ठिकाने पर हमला हुआ है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि कार्रवाई उन “अहम संपत्तियों” के खिलाफ थी जिनका इस्तेमाल हूती युद्ध के लिए करते हैं। इनमें जमीन के नीचे के ईंधन भंडार और टैंक, और होदेइदा, सना व धमार के ऊर्जा टर्मिनल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हूती सना के इस ठिकाने और इसके भूमिगत डिपो में मिसाइलें और ड्रोन रखते थे, और सेना ने “नागरिकों को नुकसान” से बचने की सावधानी बरती। रास ईसा बंदरगाह पर तेल भंडारण टैंकों पर भी हमला हुआ।
यमनी ऑयल कंपनी ने कहा कि उसके टैंक खाली थे और ईंधन आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। फिर भी सना के पेट्रोल पंपों पर कतारें लग गईं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी थी कि सना पर किसी भी हमले का जवाब रियाद के खिलाफ “कठोर और दर्दनाक” होगा। वरिष्ठ हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने कहा कि इस अभियान का मकसद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को यह बताना है कि “वे अब सुरक्षित जगह से यमन के खिलाफ आक्रामकता नहीं कर सकते”।
रियाद फिर निशाने पर
मंगलवार को सऊदी हवाई सुरक्षा ने राजधानी की ओर दागी गई हूती मिसाइलों को रोका। सिविल डिफेंस के मुताबिक इनमें से दो के मलबे से चार लोग घायल हुए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा। रियाद के दक्षिण में अल-खर्ज इलाके के ऊपर एक क्रूज मिसाइल नष्ट की गई और शहर के उत्तर में तीन ड्रोन गिराए गए।
क्राउन प्रिंस की अध्यक्षता में हुई सऊदी कैबिनेट बैठक में कहा गया कि हूतियों को “नतीजे” भुगतने होंगे। मानव संसाधन मंत्री अहमद बिन सुलेमान अल राजही ने रियाद के एक फोरम में कहा: “हम कहीं नहीं जा रहे।”
देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा, किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सोमवार को जारी नोटिस के तहत 17 अक्टूबर की आधी रात तक बंद रहेगा। शनिवार को हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा घायल हुए थे। रियाद के स्कूल एक हफ्ते के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर चले गए हैं। सऊदी अरब के लिए उड़ानें रोकने वाली एयरलाइनों में एयर इंडिया भी है। भारतीय दूतावास ने शांति बनाए रखने और हमलों के वीडियो साझा न करने की अपील की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हूती “बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं” और वॉशिंगटन सऊदी हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हूती अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ऊर्जा की कीमतें बढ़ाने के लिए सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं।
यमन के भीतर कीमत
यमन के भीतर भी लड़ाई फैल रही है। रियाद समर्थित सरकारी बलों ने मंगलवार को ताइज प्रांत में नौ हवाई हमले किए। एक यमनी मानवाधिकार संगठन के मुताबिक ताइज में 24 घंटे में हूती गोलाबारी से कम से कम पांच नागरिक मारे गए, जिनमें पांच साल की एक बच्ची भी है।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अगस्त से अब तक यमन में कम से कम 46 नागरिक मारे गए हैं और सितंबर से 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि हैजे के संदिग्ध मामले तीन हफ्तों में तीन गुना हो गए हैं।