अर्थव्यवस्थावैश्विक बाज़ार
रियाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद ब्रेंट 106 डॉलर के पार, वॉल स्ट्रीट मिला-जुला
सऊदी अरब पर हूती हमले से आपूर्ति की चिंता लौटी और रात में तेल करीब 2% चढ़ा। चिप कंपनियों के शेयर गिरने से नैस्डैक नीचे आया, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 24 साल के ऊंचे स्तर के पास रही।

मुख्य बातें
- ब्रेंट क्रूड 1.84% बढ़कर 106.65 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, अमेरिकी क्रूड 2.06% चढ़कर 93.74 डॉलर पर।
- डाउ 0.38% बढ़ा, लेकिन चीनी मेमोरी तकनीक की खबर से चिप शेयर गिरे और नैस्डैक 0.44% टूटा।
- महंगा तेल मंगलवार को खुलते भारतीय बाज़ार में रुपये और आयात बिल पर दबाव बढ़ाता है।
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले से पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधित होने की आशंका फिर उभरी और सोमवार को तेल की कीमतें करीब 2% चढ़ गईं। वॉल स्ट्रीट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ, जहां चिप कंपनियों के शेयरों की गिरावट ने ऊर्जा शेयरों की बढ़त को बेअसर कर दिया।
ब्रेंट क्रूड 1.84% की बढ़त के साथ 106.65 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट 2.06% चढ़कर 93.74 डॉलर पर पहुंचा। रूस के यूक्रेनी बिजलीघरों पर हमले से भी कीमतें बढ़ीं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे को निशाना न बनाने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि वे हूतियों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के साथ कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।
चिप शेयरों ने नैस्डैक को गिराया
डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक यानी 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। बढ़त के साथ बंद होने वाला यह अकेला बड़ा सूचकांक रहा। रिकॉर्ड ऊंचाइयों वाले हफ़्ते के बाद एसएंडपी 500 0.06% फिसलकर 7,807.24 पर और नैस्डैक कंपोज़िट 0.44% गिरकर 27,245.90 पर आ गया।
चीन की चांगशिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज़ ने नई मेमोरी संरचना में प्रगति की जानकारी दी, जिसके बाद सेमीकंडक्टर शेयर गिरे। फ़िलाडेल्फ़िया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 2.7% और माइक्रॉन 3.9% टूटा। एसएंडपी 500 में ऊर्जा शेयर 1.5% चढ़े।
10 साल के अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की यील्ड करीब 5.24% पर रही, जो 2002 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर के पास है। क्लीवलैंड फ़ेडरल रिज़र्व बैंक की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने कहा कि महंगाई पूरी अर्थव्यवस्था में फैल रही है।
मुझे महंगाई का दबाव किसी एक हिस्से में सिमटा हुआ नहीं, बल्कि काफ़ी व्यापक दिखता है।
फ़ेड की अगली बैठक 27-28 अक्टूबर को है। जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स और सिटी मंगलवार को नतीजे जारी करेंगे, जिससे अमेरिका में नतीजों का मौसम शुरू होगा।
कैपिटल डॉट कॉम के वरिष्ठ वित्तीय बाज़ार विश्लेषक काइल रॉडा ने कहा, “लगातार बना भू-राजनीतिक जोखिम और वैश्विक मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बाज़ार को परेशान कर रही है।”
आज भारत के लिए इसका मतलब
भारतीय बाज़ार मंगलवार को कमज़ोर सोमवार के बाद खुलेंगे। सोमवार को बॉन्ड यील्ड बढ़ने के बीच निफ़्टी 0.70% गिरा और सेंसेक्स 548 अंक टूटा। ब्रेंट का 106 डॉलर से ऊपर रहना भारत का आयात बिल बढ़ाता है और रुपये पर दबाव डालता है, जो पिछले हफ़्ते डॉलर के मुकाबले करीब 97 पर बंद हुआ था। सोमवार से भारतीय रिज़र्व बैंक इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की रोज़ की डॉलर ज़रूरत सीधे पूरी कर रहा है।
डॉलर मज़बूत रहने से दोपहर के न्यूयॉर्क कारोबार में सोना करीब 0.5% नरम होकर लगभग 4,193 डॉलर प्रति औंस पर रहा।