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रुपये में अप्रैल के बाद सबसे बड़ी तेज़ी, फिर भी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सेंसेक्स 548 अंक टूटा

आरबीआई के सप्ताहांत के कदमों से रुपया 93 पैसे मज़बूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.78 पर बंद हुआ, लेकिन बढ़ती बॉन्ड यील्ड, विदेशी बिकवाली और एफ़एमसीजी व बैंक शेयरों में गिरावट ने बाज़ार को नीचे खींचा।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
अपडेट
मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर बीएसई की इमारत
मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर बीएसई की इमारतBSEINDIA / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर और निफ़्टी 157.10 अंक गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।
  2. आरबीआई के सप्ताहांत के कदमों के बाद रुपया 93 पैसे चढ़कर 95.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो अप्रैल के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त है।
  3. 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड लगातार चौथे दिन बढ़कर 7.38% पर पहुंची।

सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि रुपये ने छह महीने में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की। मुद्रा को सहारा देने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के सप्ताहांत के कदमों से मिली राहत पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड और लगातार विदेशी बिकवाली भारी पड़ी।

सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76% गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ, और निफ़्टी 50 157.10 अंक यानी 0.70% फिसलकर 22,363.35 पर। दिन की शुरुआत मज़बूती से हुई थी: सेंसेक्स करीब 300 अंक ऊपर खुला और 72,884 तक गया, फिर बिकवाली हावी हुई और यह 71,845 के निचले स्तर तक फिसल गया।

छोटी कंपनियों के शेयरों का रुख अलग रहा। निफ़्टी स्मॉलकैप 100 में 1.42% की तेज़ी आई और मिडकैप 100 लगभग सपाट बंद हुआ।

रुपये में उछाल

रुपया शुक्रवार के 96.71 के मुकाबले 93 पैसे मज़बूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.78 पर बंद हुआ। यह 95.61 पर खुला था और दिन भर ज़्यादातर बढ़त बनाए रखी। यह अप्रैल के बाद रुपये की सबसे बड़ी छलांग है। पिछले हफ़्ते यह 97 के रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया था।

आरबीआई ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह एक विशेष विंडो के ज़रिये इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की रोज़ की पूरी डॉलर ज़रूरत पूरी करेगा, जिससे बाज़ार से डॉलर की बड़ी मांग हट जाएगी। उसने रुपये से जुड़े डेरिवेटिव के नियम भी सख्त किए। अब बैंकों को 20 लाख डॉलर से ऊपर के कुछ विदेशी मुद्रा सौदों की रुपये में कीमत का 20% नकद आरबीआई के पास रखना होगा, और बिना अंतर्निहित एक्सपोज़र वाले सौदों की सीमा 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दी गई है।

एमके ग्लोबल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ की प्रमुख अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने इन कदमों को “तात्कालिक उपाय, ढांचागत समाधान नहीं” बताया। उनके मुताबिक इनसे सट्टेबाज़ी पर लगाम लगेगी और रुपये को निकट भविष्य में कुछ सहारा मिलेगा।

मुद्रा को बचाना महंगा पड़ रहा है। 2 अक्टूबर को खत्म हफ़्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 12.95 अरब डॉलर घटकर 734.61 अरब डॉलर रह गया।

शेयर फिर भी क्यों गिरे

बॉन्ड बाज़ार की तस्वीर अलग थी। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड दिन के कारोबार में 8 बेसिस पॉइंट बढ़कर 7.38% पर पहुंची, जो लगातार चौथे दिन की बढ़त है। पिछले हफ़्ते आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया था और कहा था कि 16 अक्टूबर से बैंकों को हर दिन अपने ज़रूरी नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) का 99% रखना होगा।

एफ़एमसीजी, बैंक और आईटी शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट रही। आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टेक महिंद्रा ने बाज़ार को सबसे ज़्यादा नीचे खींचा, और कारोबार के दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर 52 हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंचा। लार्सन एंड टुब्रो और अपोलो हॉस्पिटल्स भी गिरे, और निफ़्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.18% टूटा। डॉ. रेड्डीज़, बजाज ऑटो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स चढ़े, और मीडिया शेयरों में 4.60% की तेज़ी आई। बाज़ार में उतार-चढ़ाव का अनुमान बताने वाला इंडिया विक्स 8.1% तक उछला।

एक्सचेंज के अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने सोमवार को ₹1,708.48 करोड़ के शेयर शुद्ध रूप से बेचे। शुक्रवार को उन्होंने ₹3,568.90 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल में पीएमएस और एआईएफ़ के मुख्य निवेश अधिकारी आनंद शाह ने अपने मासिक नोट में चेताया कि “जिन कंपनियों पर ज़रूरत से ज़्यादा कर्ज़ है, फ़ंडिंग की लागत बढ़ने के साथ उनकी बैलेंस शीट पर जोखिम बढ़ सकता है।”

आगे क्या

बाज़ार बंद होने के बाद आए आंकड़ों के मुताबिक खाद्य कीमतों के चलते सितंबर में खुदरा महंगाई अगस्त के 4.83% से बढ़कर 5.54% हो गई। पीएल कैपिटल में कमोडिटीज़ प्रमुख आशीष राजोदिया ने आंकड़े आने से पहले कहा था कि “नरम आंकड़े और ठंडा कच्चा तेल रुपये को 94.90 के सपोर्ट तक जाने की गुंजाइश देंगे।” अमेरिका के महंगाई आंकड़े बुधवार को आएंगे।

एचसीएलटेक ने सोमवार को जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफ़े में 21% बढ़ोतरी दर्ज की और राजस्व अनुमान का निचला स्तर बढ़ाया। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा।

अपडेट 12 अक्टूबर 2026, रात 9:30 बजे: यह खबर पहली बार प्रकाशित होने के बाद अपडेट की गई।