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रियाद का हवाई अड्डा बंद क्यों है: सऊदी अरब पर हूती हमलों को समझिए

एक हफ्ते में यमन से दागी गई मिसाइलें चार बार सऊदी हवाई अड्डों पर गिरीं और कम से कम 20 लोग मारे गए, जिनमें हैदराबाद का एक व्यक्ति भी है। हमला कौन कर रहा है, अभी क्यों, और खाड़ी में रह रहे भारतीयों के लिए इसका क्या मतलब है।

संपादकीय डेस्क सेप्रकाशित

संक्षेप में

10 अक्टूबर को एक मिसाइल के यात्री टर्मिनल पर गिरने और 13 लोगों की मौत के बाद से सऊदी अरब ने रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद रखा है। ये हमले यमन के ईरान समर्थित हूती कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे सना और होदेदा के हवाई अड्डों पर सऊदी हमलों के जवाब में सऊदी हवाई अड्डों को निशाना बना रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच 2022 का युद्धविराम इस गर्मी में टूट गया था। हवाई अड्डा दोबारा खोलने की कोई तारीख नहीं बताई गई है।

रियाद का मुख्य हवाई अड्डा बंद क्यों है?

शनिवार 10 अक्टूबर को एक मिसाइल के यात्री टर्मिनल पर गिरने के बाद सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कामकाज रोक दिया, और तब से यह रोक बढ़ाई जा रही है। उस हमले में 13 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा घायल हुए। यह एक दशक से ज़्यादा समय में सऊदी अरब के भीतर हुआ सबसे घातक हमला है।

प्राधिकरण का कहना है कि उसे हवाई अड्डे की सुविधाओं की सुरक्षा और संचालन की तैयारी जांचने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय चाहिए। उसने दोबारा खोलने की तारीख नहीं बताई है। विमानन डेटा फर्म सिरियम के मुताबिक, रविवार को हवाई अड्डे की 99.7% निर्धारित उड़ानें रद्द रहीं।

सऊदी हवाई अड्डों पर हमला कौन कर रहा है?

यमन का हूती आंदोलन, जिसका राजधानी सना पर नियंत्रण है और जिसे ईरान का समर्थन है। हूतियों ने 8 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले का दावा किया था। सोमवार को उनके सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि एक बैलिस्टिक मिसाइल ने फिर हवाई अड्डे को निशाना बनाया: “निशाना सटीक था।”

इस गुट ने एयरलाइनों से सऊदी हवाई क्षेत्र से दूर रहने को कहा है और वहां हर विमान को निशाना बताया है, सिर्फ मक्का और मदीना जाने वाली उड़ानों को छूट दी है। उसके मीडिया प्रमुख ने एक्स पर लिखा कि हूतियों ने “रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद करा दिया है।”

अभी क्यों?

सऊदी अरब और हूतियों के बीच 2022 का युद्धविराम इस गर्मी में टूट गया, और तब से लड़ाई तेज़ होती गई है। युद्धविराम टूटने के बाद हूतियों ने सऊदी समर्थित सरकारी बलों से बाब अल-मंदब छीन लिया, जो लाल सागर के मुहाने पर एक संकरा जलडमरूमध्य है। फरवरी में ईरान पर शुरू हुए अमेरिकी-इज़राइली युद्ध के बाद यमन में लड़ाई फिर भड़क उठी है।

हूतियों का कहना है कि हवाई अड्डों पर हमले सना और होदेदा के हवाई अड्डों पर सऊदी हमलों का जवाब हैं। सऊदी अरब और यमन सरकार ने हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर सैकड़ों हमले किए हैं, और हूतियों का कहना है कि इनमें आम नागरिक मारे गए हैं। सऊदी अरब 2015 में हूतियों को सना से हटाने के लिए यमन के युद्ध में उतरा था।

सऊदी हवाई अड्डों पर हमलों का एक हफ्ता

  1. 6-7 अक्टूबरआभा और रियाद हवाई अड्डों पर हमलों में तीन की मौत, 36 घायल।
  2. 8 अक्टूबररियाद हवाई अड्डे पर हूती मिसाइल; सऊदिया का एक पायलट और दो अन्य सऊदी नागरिक मारे गए।
  3. 10 अक्टूबररियाद में यात्री टर्मिनल पर मिसाइल, एक भारतीय समेत 13 की मौत, 300 से ज़्यादा घायल। हवाई अड्डा बंद।
  4. 11 अक्टूबररियाद का टर्मिनल 4 निशाने पर, एक की मौत; दम्माम हवाई अड्डे पर भी हमला।
  5. 12 अक्टूबरबंदी बढ़ाई गई। सऊदी ऊर्जा मंत्री ने गंभीर जवाब का वादा किया।

सऊदी अरब क्या जवाब दे रहा है?

कड़े जवाब के वादे, संयुक्त राष्ट्र से अपील और सहयोगियों की मदद की बात। ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने सोमवार को रियाद में कहा, “पिछले कुछ हफ्तों की घटनाएं गंभीर हैं। हमारा जवाब भी उतना ही गंभीर होना चाहिए।” यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार के हमले को “पूरी तरह युद्ध अपराध” बताया।

सऊदी अरब और यमन सरकार ने 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की। पाकिस्तान और तुर्किये सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के तहत सैनिक तैनात करने पर राज़ी हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका हूतियों पर सऊदी हमलों में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, “हो सकता है। हम इस पर विचार करेंगे।” हूतियों ने कहा कि सोमवार तड़के सना पर सऊदी हवाई हमलों में एक व्यक्ति मारा गया।

भारतीयों के लिए इसका क्या मतलब है?

एक भारतीय की मौत हुई है, कई घायल हैं, और रियाद की यात्रा ठप है। हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की 10 अक्टूबर के हमले के बाद मौत हो गई, जिसमें 11 भारतीय घायल हुए थे। रियाद में भारतीय दूतावास के मुताबिक, तीन अब भी गहन चिकित्सा इकाई में हैं और उनकी हालत स्थिर है।

सरकार ने संसद को जो आंकड़े दिए, उनके मुताबिक सऊदी अरब में करीब 27.5 लाख भारतीय रहते हैं। दूतावास ने उनसे सतर्क रहने, ज़रूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने, स्थानीय निर्देशों का पालन करने और हमलों के वीडियो साझा न करने को कहा है। उसकी 24 घंटे की हेल्पलाइन, प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र, का नंबर 8002471234 है।

पहले के हमलों के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर तक रियाद की उड़ानें रद्द कर दी थीं। अकेले एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोच्चि, कन्नूर और कोझिकोड से रियाद के लिए हर हफ्ते 16 उड़ानें चलाती है। हवाई अड्डा बंद रहने तक कोई उड़ान नहीं चल सकती।

आगे क्या?

यह इस पर निर्भर है कि हमले रुकते हैं या नहीं और सऊदी इंजीनियर कब हवाई अड्डे को सुरक्षित घोषित करते हैं। लुफ्थांसा ने 16 अक्टूबर तक, एयर फ्रांस-केएलएम ने महीने के अंत तक रियाद की उड़ानें रद्द की हैं, और डेल्टा ने अपनी अटलांटा-रियाद सेवा मार्च 2027 तक टाल दी है। रियाद में इसी महीने के आखिर में प्रमुख फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन होना है।

भारत के लिए बड़ा जोखिम तेल का है। ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, और इस हफ्ते खाड़ी में टैंकरों पर हमलों में दो भारतीय नाविक लापता हो गए।

मूल दस्तावेज़