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सऊदी हवाई अड्डों पर हमलों की भारत ने निंदा की, रियाद हमले में 12 की मौत
शनिवार को रियाद के मुख्य हवाई अड्डे पर हुए हमले में मरने वालों में कोई भारतीय नहीं था। एक हफ्ते में यह वहां तीसरा हमला था। दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने को कहा है।

मुख्य बातें
- सऊदी विमानन प्राधिकरण के मुताबिक, शनिवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 घायल हुए।
- विदेश मंत्रालय ने 11 अक्टूबर को कहा कि नागरिकों पर बार-बार हो रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और तुरंत रुकने चाहिए।
- रियाद में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को ज़रूरत पड़ने पर घर के अंदर रहने और स्थानीय निर्देश मानने की सलाह दी है।
- एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर तक रियाद की उड़ानें रद्द कीं, जिससे छह भारतीय शहरों से हर हफ्ते की 23 सेवाएं प्रभावित हुईं।
भारत ने रविवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हो रहे हमलों की निंदा की। एक दिन पहले वहां हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 घायल हुए। यह जानकारी सऊदी अरब के नागरिक विमानन महाप्राधिकरण (जीएसीए) ने दी। एक हफ्ते में इस हवाई अड्डे पर यह तीसरा हमला था और एक दशक से ज़्यादा समय में सऊदी अरब में सबसे घातक।
मरने वालों में कोई भारतीय नहीं था। चार मृतक सऊदी नागरिक थे। आठ विदेशियों में दो बांग्लादेशी थे और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक।
भारत ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब की जनता और सरकार के साथ “उनकी संप्रभुता की रक्षा में” एकजुटता जताई, मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।
नागरिकों और नागरिक ढांचे पर बार-बार हो रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रुकना चाहिए।
चार दिन में मंत्रालय का यह दूसरा बयान था। 8 अक्टूबर को उसने आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमलों की निंदा करते हुए कहा था: “नागरिक ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
सऊदी अरब में भारतीयों के लिए सलाह
रियाद में भारतीय दूतावास ने 8 अक्टूबर को कहा कि “सऊदी अरब में सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क और चौकस रहने की सलाह दी जाती है”। उसने भारतीयों से “ज़रूरत के मुताबिक घर के अंदर रहने और आधिकारिक माध्यमों से स्थानीय अधिकारियों के जारी निर्देशों का पालन करने” को कहा, और हमलों से जुड़े वीडियो या खबरें आगे न फैलाने की अपील की।
दूतावास, जेद्दा का वाणिज्य दूतावास और उनके वीएफएस केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। चौबीसों घंटे चलने वाले प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र का टोल-फ्री नंबर 8002471234 है। सरकार ने संसद को बताया था कि 24 फरवरी 2025 तक सऊदी अरब में 27,47,551 भारतीय नागरिक रह रहे थे।
रियाद पर हमले और भारत
- 1210 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर हमले में मौतें; कोई भारतीय नहीं
- 309उसी हमले में घायल
- 27.5 लाखसऊदी अरब में भारतीय नागरिक, फरवरी 2025 तक
- 23रियाद के लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की साप्ताहिक उड़ानें, 10 अक्टूबर तक रद्द
भारत से उड़ानें
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर तक रियाद आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दीं। एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोच्चि, कन्नूर और कोझिकोड से हर हफ्ते रियाद की 16 उड़ानें चलाती है, और एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से सात। एयर इंडिया की दिल्ली-रियाद उड़ान एआई2243 8 अक्टूबर को दिल्ली लौट आई। अकासा एयर ने “बदलती सुरक्षा स्थिति” का हवाला देकर अपनी कोच्चि-रियाद सेवा रद्द की।
एयर इंडिया एक्सप्रेस मुफ्त में दोबारा टिकट बुक करने या पूरा पैसा लौटाने का विकल्प दे रही है। शनिवार के हमले के बाद जीएसीए ने सुरक्षा जांच के लिए रियाद हवाई अड्डे पर कामकाज रोक दिया और दोबारा शुरू करने की कोई तारीख नहीं बताई।
हमले कैसे बढ़े
जीएसीए के मुताबिक 6 और 7 अक्टूबर को आभा और रियाद हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और 36 घायल हुए। हूतियों ने कहा कि उन्होंने 8 अक्टूबर को रियाद हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। जीएसीए ने बताया कि इसमें सऊदिया एयरलाइन के पायलट कैप्टन हमूद अली अलकलथामी और दो अन्य सऊदी नागरिक मारे गए। हूतियों का कहना है कि ये हमले सना और होदेदा के हवाई अड्डों पर सऊदी हमलों का जवाब हैं।
हूतियों ने शनिवार के हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। रविवार को उन्होंने एक्स पर अपनी चेतावनी दोहराई: “हम सभी एयरलाइनों, विशेषज्ञों, कर्मचारियों, कामगारों और यात्रियों को सऊदी हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने की अपनी चेतावनी दोहराते हैं।” उन्होंने मक्का और मदीना को इससे बाहर रखा।
हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ यह अभियान इस गर्मी में शुरू किया, जब दोनों के बीच 2022 का संघर्षविराम टूट गया। हाल के हफ्तों में सऊदी अरब ने यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज़ की है। सऊदी अरब और यमन की सरकार ने 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका हूतियों पर सऊदी हमलों में शामिल हो सकता है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा: “हो सकता है। हम इस पर विचार करेंगे।”
पाकिस्तान ने कहा है कि रियाद में उसका एक बड़ा सैन्य दल मौजूद है, और पाकिस्तान और तुर्किये ने सऊदी अरब के साथ आपसी रक्षा समझौते के तहत सैनिक तैनात करने पर सहमति दी है।