दुनियाखाड़ी
अमेरिका 'तेल के बदले सुरक्षा' का सौदा छोड़ रहा है, खाड़ी नहीं: टॉम बैरक
दोहा में अमेरिकी दूत ने कहा कि वॉशिंगटन अब इस क्षेत्र पर नियंत्रण नहीं चाहता, और माना कि पिछले सत्ता परिवर्तन 'गलती लगते हैं'।
मुख्य बातें
- टॉम बैरक ने दोहा के एक मंच पर कहा, 'अमेरिका अब मालिक नहीं बनना चाहता'।
- उन्होंने कहा कि अमेरिका व्यापक क्षेत्र में 23 सत्ता परिवर्तनों में शामिल रहा है।
- होर्मुज़ खोलने के ईरान के सात दिन के प्रस्ताव पर अमेरिका का जवाब अब भी बाकी है।
अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका खाड़ी के साथ दशकों पुराने “तेल के बदले सुरक्षा” वाले सौदे से हट रहा है, लेकिन इस क्षेत्र से बाहर नहीं जा रहा।
तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत बैरक ने दोहा के ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में कहा, “अमेरिका अब मालिक नहीं बनना चाहता। सौदा नियंत्रण का नहीं, बल्कि न छोड़ने का है। हम कहीं नहीं जा रहे।”
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सरकारें अपने निष्कर्ष निकाल रही हैं। “हर कोई कह रहा है: ठीक है, मैं अपनी सारी समस्याएं सुलझाने के लिए अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकता।”
बैरक ने अमेरिकी दखल के इतिहास पर असामान्य रूप से खुलकर बात की और कहा कि वॉशिंगटन व्यापक मध्य पूर्व में 23 सत्ता परिवर्तनों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा, “जब भी हम दखल देकर किसी व्यक्ति या सत्ता को बदलने की कोशिश करते हैं, वह गलती ही लगती है।”
राजनीतिक विश्लेषक लुसियानो ज़ाक्कारा ने बैरक को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों में “शायद” सबसे यथार्थवादी बताया। उनके मुताबिक दूत ने परोक्ष रूप से मान लिया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन, जो युद्ध का घोषित लक्ष्य है, शायद सफल नहीं होगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य अब भी बंद है। अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर युद्ध से पहले दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुज़रता था। ईरान का सात दिन का प्रस्ताव, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और प्रतिबंधों में ढील के बदले जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता फिर शुरू करने की बात है, बिना अमेरिकी जवाब के मेज़ पर पड़ा है।
खाड़ी यमन के हूतियों से भी जूझ रही है, जिनके इस महीने रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।