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रविवार की पहली रनऑफ बहस से पहले सर्वे में फ्लावियो बोल्सोनारो लूला से मामूली आगे
तीन दिन में तीसरे सर्वे ने सीनेटर को एक-दो अंक आगे दिखाया, जो गलती की गुंजाइश के भीतर है। ब्राजील में मतदान आठ दिन बाद है। मेटा और लूला के अकाउंट का विवाद चुनाव अदालत तक पहुंच गया है।

मुख्य बातें
- शुक्रवार को जारी सीएनटी/एमडीए सर्वे में फ्लावियो बोल्सोनारो को 46.8% और लूला को 45.9% मिले।
- डाटाफोल्हा और क्वेस्ट के सर्वे में भी सीनेटर की बढ़त गलती की गुंजाइश के भीतर रही।
- दोनों उम्मीदवार रविवार को रनऑफ की पहली बहस में आमने-सामने होंगे।
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा पर अपनी मामूली बढ़त बनाए रखी है। 25 अक्टूबर के रनऑफ से आठ दिन पहले तीन दिन में तीसरा सर्वे उन्हें थोड़ा आगे दिखा रहा है।
शुक्रवार को जारी सीएनटी/एमडीए सर्वे में बोल्सोनारो को 46.8% और लूला को 45.9% समर्थन मिला। एक दिन पहले क्वेस्ट के सर्वे में सीनेटर 46% पर और लूला 44% पर थे। डाटाफोल्हा ने 13 और 14 अक्टूबर को 2,520 मतदाताओं से बात की और उन्हें 47% बनाम 45% से आगे पाया। तीनों सर्वे में अंतर करीब दो अंक की गलती की गुंजाइश के भीतर है, और कई विश्लेषक इस मुकाबले को बराबरी का मान रहे हैं।
एक हफ्ते पहले डाटाफोल्हा के सर्वे में बढ़त चार अंक की थी, यानी लूला ने फासला थोड़ा घटाया है।
दो बिल्कुल अलग उम्मीदवार
80 साल के लूला चौथे कार्यकाल के लिए मैदान में हैं, जो लगातार नहीं होगा। एक महीने पहले तक उनकी आसान जीत तय मानी जा रही थी। 42 साल के फ्लावियो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव नतीजे पलटने की कोशिशों के मामले में 27 साल की सजा के तहत घर में नजरबंद हैं और 2030 तक चुनाव नहीं लड़ सकते। बेटे ने अपराध और नशे की तस्करी पर सख्ती और टैक्स कटौती के वादों पर प्रचार किया है।
4 अक्टूबर को पहले दौर में बोल्सोनारो को 5,61,04,503 वोट मिले और लूला को 5,38,79,538।
इस हफ्ते लूला को तब राहत मिली जब कांग्रेस ने वह संविधान संशोधन पास किया जिससे कामगारों को हफ्ते में एक की जगह दो दिन की छुट्टी मिलेगी। यह उनके प्रचार का एक मुख्य वादा था। डाटाफोल्हा के अगले सर्वे से पता चलेगा कि इस फैसले का मतदाताओं पर कितना असर पड़ा।
मेटा पर विवाद
प्रचार अब सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। खबरें आईं कि मेटा के कर्मचारियों ने कहा था कि प्रचार के दौरान लूला के अकाउंट पर पाबंदियां लगीं। मेटा ने तकनीकी गड़बड़ियां मानी हैं लेकिन किसी पक्षपात से इनकार किया है, और चुनाव अदालत के बहुमत ने उसके प्लेटफॉर्म पर दोनों उम्मीदवारों से बराबर बर्ताव का समर्थन किया है।
दोनों नेता रविवार को बैंड नेटवर्क पर रनऑफ की पहली टीवी बहस में आमने-सामने होंगे।