दुनियारूस
यूक्रेन में जल्द शांति के लिए मॉस्को से संपर्क में है भारत: राजदूत विनय कुमार
कज़ान में रूस में भारत के राजदूत ने भारतीयों को फर्ज़ी नौकरी के उन प्रस्तावों से भी आगाह किया जो रूसी सेना में भर्ती तक ले जाते हैं।

मुख्य बातें
- राजदूत ने कहा कि यूक्रेन पर बातचीत के लिए भारत रूसी पक्ष के संपर्क में है।
- उन्होंने कहा कि रूस जाने से पहले नौकरी का प्रस्ताव दूतावास से जंचवा लें।
- रूसी सेना में भर्ती हुए 227 भारतीयों में से 51 की मौत हो चुकी है।
रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध को बातचीत के ज़रिये जल्द खत्म कराने में मदद के लिए भारत रूसी अधिकारियों के संपर्क में है।
रूस के कज़ान शहर में कुमार ने नई दिल्ली का यह रुख दोहराया कि लड़ाई खत्म करने में कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने बार-बार कहा है, और विदेश मंत्री ने भी, कि संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, बल्कि किसी भी संघर्ष के लिए।”
उन्होंने जोड़ा, “हम रूसी पक्ष के वार्ताकारों के संपर्क में भी हैं, ताकि यह संघर्ष जल्द सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति का इस्तेमाल हो।”
भारत ने मॉस्को और कीव दोनों से संपर्क बनाए रखा है। इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति ने इन प्रयासों की समीक्षा की थी, जिसमें बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात और विदेश मंत्री एस जयशंकर की यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों से बातचीत शामिल थी।
नौकरी के प्रस्तावों पर चेतावनी
कुमार ने भारतीयों को विदेश में नौकरी के उन प्रस्तावों से भी आगाह किया जिनके चलते कुछ लोग रूसी सेना में पहुंच गए।
उन्होंने कहा, “हम भारतीय नागरिकों के लिए नियमित रूप से एडवाइज़री जारी कर रहे हैं कि वे ऐसे प्रस्तावों के झांसे में न आएं। जिसे भी रूस समेत विदेश में काम का प्रस्ताव मिले, वह दूतावास से संपर्क करे और रूस जाने से पहले प्रस्ताव की जांच करा ले, ताकि ऐसी गड़बड़ियों से बचा जा सके जो भारतीय नागरिकों को नुकसानदेह तरीके से फंसाती हैं।”
सितंबर में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया था कि 227 भारतीय नागरिक रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती हुए थे। इनमें से 139 को सेवा से मुक्त किया जा चुका है और 51 की मौत हो चुकी है।