दुनियारूस-यूक्रेन
मेलानिया ट्रंप ने ओलेश्की में स्थानीय युद्धविराम करवाया, फंसे नागरिक निकल सकेंगे
व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिका की प्रथम महिला ने मॉस्को और कीव के साथ शर्तें तय कीं। रूस के शीर्ष जनरल ने कहा कि मदद का काफिला जाने देने के लिए उनकी सेना मंगलवार से खेरसॉन मोर्चे पर गोलीबारी रोकेगी।

मुख्य बातें
- व्हाइट हाउस का कहना है कि मेलानिया ट्रंप ने रूस के कब्ज़े वाले ओलेश्की में स्थानीय युद्धविराम करवाया है।
- रूस के जनरल वालेरी गेरासिमोव ने कहा कि उनकी सेना मंगलवार सुबह 4 बजे (मॉस्को समय) से खेरसॉन मोर्चे पर गोलीबारी रोकेगी।
- युद्ध से पहले करीब 24,000 की आबादी वाले शहर में अब अनुमानित 1,700 से 2,000 लोग बचे हैं, ज़्यादातर बुज़ुर्ग।
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने ओलेश्की में रूस और यूक्रेन के बीच स्थानीय युद्धविराम करवा लिया है। रूस के कब्ज़े वाला यह शहर द्नीप्रो नदी के पार खेरसॉन के सामने है। इसका मकसद यह है कि वहां बचे कुछ हज़ार नागरिकों तक मदद पहुंचे और जो जाना चाहें, वे निकल सकें।
एक बयान में मेलानिया ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधियों ने रूसी और यूक्रेनी नेतृत्व के साथ मिलकर शर्तें तय कीं। उन्होंने कहा, “ओलेश्की की हालत भयावह है,” और इसे मोर्चे पर बसा ऐसा शहर बताया जो “तबाही की कगार पर” है।
उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने बारूदी सुरंगें हटाने समेत पूरी जटिल प्रक्रिया के तालमेल के लिए तुरंत टीमें नियुक्त कीं।”
गोलीबारी कब रुकेगी
मॉस्को ने अपनी भूमिका की पुष्टि की। रूस के जनरल स्टाफ प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने कहा कि रूसी सेना मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 4 बजे (मॉस्को समय) से “खेरसॉन मोर्चे पर गोलीबारी रोक देगी”, “इंजीनियरिंग टोही” करेगी और “मानवीय सहायता काफिले की सुरक्षित आवाजाही” सुनिश्चित करेगी। व्हाइट हाउस के ब्योरे में शुरुआत की तारीख 29 अक्टूबर बताई गई है, और दोनों पक्ष अभी समय तय कर रहे हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने प्रथम महिला का धन्यवाद किया और बताया कि यह पहल व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप की पिछली फोन बातचीत में भी उठी थी। उन्होंने कहा कि “जो लोग वहां से जाना चाहेंगे, वे जा सकेंगे,” और निकासी में शायद कई दिन लगेंगे।
कीव में मानवाधिकार लोकपाल द्मित्रो लुबिनेत्स ने क्रम समझाया: “पहले युद्धविराम लागू होगा; दूसरे, ओलेश्की तक मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी।” उन्होंने चेताया कि इस समझौते को लागू करना “बेहद चुनौतीपूर्ण” होगा।
कटा हुआ शहर
फरवरी 2022 में रूस के कब्ज़े से पहले ओलेश्की में करीब 24,000 लोग रहते थे। व्हाइट हाउस के मुताबिक अब वहां 1,700 से 2,000 लोग बचे हैं, ज़्यादातर बुज़ुर्ग, और करीब 50 बच्चे। लोगों के पास खाने और दवाओं की कमी है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आपूर्ति रोकने का आरोप लगाते हैं।
मेलानिया ट्रंप ने कहा कि निकाले गए लोग रूस या यूक्रेन में अपनी “पसंद की जगह” जा सकेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा अनुमान है कि कुछ रूस जाना चाहेंगे और कुछ यूक्रेन।” उन्होंने यह भी कहा कि एक “निष्पक्ष अमेरिकी मीडिया संगठन” रूसी और यूक्रेनी टीमों के साथ रहेगा, पर उसका नाम नहीं बताया।
प्रथम महिला पहले भी यूक्रेन के बच्चों के मामले पर काम कर चुकी हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक पहले की छह कोशिशों में 34 बच्चे अपने परिवारों से मिलाए गए हैं, और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में अपने फॉस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर कार्यक्रम में यह मुद्दा उठाया था।
बड़ी बातचीत
ओलेश्की का समझौता ऐसे समय आया है जब दोनों पक्ष अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ से बात के बाद पुष्टि की है कि उनके वार्ताकार नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली बातचीत में शामिल होंगे। उनका कहना है कि किसी भी समझौते में मज़बूत सुरक्षा गारंटी और यूक्रेन की सेना के लिए 10 साल की फंडिंग ज़रूरी है।